संस्कृत का प्रचार-प्रसार रोज़ाना की पूजा जैसा, समाज निभाए अपनी ज़िम्मेदारी: डॉ. मंजू भारती

देहरादून। देववाणी संस्कृत के प्रचार-प्रसार को रोज़ की पूजा-अर्चना के समान पवित्र बताते हुए उत्तराखंड की संस्कृत शिक्षा निदेशक डॉ. मंजू भारती ने इसमें पूरे समाज से बढ़-चढ़कर सहयोग करने की अपील की है।

राजपुर रोड पर स्थित आर्ष कन्या गुरुकुल महाविद्यालय में समर वेकेशन (ग्रीष्मकालीन) संस्कृत संभाषण शिविर के उद्घाटन के मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए उन्होंने यह बात कही। डॉ. भारती ने गर्व जताते हुए कहा कि उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य है जिसने संस्कृत को अपनी दूसरी आधिकारिक भाषा (द्वितीय राजभाषा) का दर्जा दिया। ऐसे में हम सभी का यह नैतिक कर्तव्य बन जाता है कि हम इस भाषा के उत्थान के लिए सबसे आगे रहें।

विभागीय प्रयासों की सराहना

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए पूर्व राज्य मंत्री आचार्य सुभाष जोशी ने संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए सहायक निदेशक कार्यालय के कदमों की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि नए स्कूलों को मान्यता देने से लेकर अलग-अलग माध्यमों से संस्कृत का माहौल बनाने तक, विभाग का काम वाकई सराहनीय है।

बीते वर्षों की उपलब्धियां

शिविर के मार्गदर्शक और सहायक निदेशक डॉ. चंडी प्रसाद घिल्डियाल ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियों को साझा करते हुए बताया:

  • वर्ष 2022 से अब तक लंबे समय से पेंडिंग चल रही 6 माध्यमिक और 4 प्राथमिक विद्यालयों की नई मान्यताओं को मंजूरी दी गई है।
  • इन स्कूलों के शिक्षक न सिर्फ बच्चों को पढ़ा रहे हैं, बल्कि समाज के अलग-अलग तबकों को संस्कृत में बातचीत करना (संभाषण) भी सिखा रहे हैं।
3 जून तक चलेगा निशुल्क शिविर

सभी अतिथियों का अभिनंदन करते हुए कॉलेज की प्रिंसिपल और शिविर संयोजक डॉ. दीपशिखा ने कहा कि उनका संस्थान बोर्ड और यूनिवर्सिटी परीक्षाओं में 100% रिजल्ट देने के साथ-साथ विभाग के विज़न के अनुसार संस्कृत के प्रचार में जुटा है। उन्होंने जानकारी दी कि:

यह संभाषण शिविर 3 जून तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें देहरादून के विभिन्न पब्लिक स्कूलों के छात्र अपनी गर्मियों की छुट्टियों में आकर बिल्कुल मुफ्त (निशुल्क) संस्कृत बोलना सीख सकते हैं।

इस खास मौके पर उप प्रधानाचार्य डॉ. विद्या नेगी, डॉ. अन्नपूर्णा, रिचा त्यागी, मिथिलेश, विमी सिंह, मीनाक्षी, आरती रतूड़ी, मीना राजपूत, शीतल और प्रणति समेत कॉलेज का पूरा स्टाफ, छात्राएं और शहर के गणमान्य लोग मौजूद रहे।