उत्तराखंड की नई खेल नीति में जनता की बदलेगी भूमिका; खेल मंत्री रेखा आर्या ने मांगे 30 जुलाई तक सुझाव
देहरादून, 13 जुलाई। उत्तराखंड सरकार अब राज्य की नई खेल नीति को आम जनता, खिलाड़ियों और खेल विशेषज्ञों की उम्मीदों के अनुरूप ढालने की तैयारी कर रही है। खेल विभाग ने प्रदेश के नागरिकों से इस नीति को बेहतर बनाने के लिए आगामी 30 जुलाई तक रचनात्मक सुझाव आमंत्रित किए हैं। खास बात यह है कि बेहतरीन और धरातल पर उपयोगी साबित होने वाले सुझाव देने वाले नागरिकों को सरकार द्वारा विशेष रूप से सम्मानित भी किया जाएगा।
सोमवार को विधानसभा सभागार में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद खेल मंत्री रेखा आर्या ने इस पहल की घोषणा की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार एक ऐसी प्रगतिशील और समावेशी खेल नीति बनाना चाहती है, जो न केवल उत्तराखंड की जमीनी जरूरतों को पूरा करे, बल्कि हमारे युवाओं और खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास का मार्ग भी प्रशस्त करे।
“जनता की भागीदारी से तैयार होने वाली यह खेल नीति उत्तराखंड में खेलों के भविष्य को एक नई और सकारात्मक दिशा देगी। इसीलिए हमने समाज के हर वर्ग से इसमें सहयोग की अपील की है।” — रेखा आर्या, खेल मंत्री
विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल 30 जुलाई 2026 तक प्राप्त होने वाले सुझावों पर ही अंतिम विचार-विमर्श किया जाएगा। इस बैठक में विशेष प्रमुख खेल सचिव अमित सिन्हा, अपर निदेशक अजय अग्रवाल और उपनिदेशक राजेश मंमगाई सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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डाक द्वारा: निदेशक, खेल विभाग, खेल निदेशालय, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज परिसर, थानो रोड, रायपुर, देहरादून – 248008, उत्तराखंड।

