ग्रहों की युति और वैश्विक घटनाक्रम: डॉ. चंडी प्रसाद घिल्डियाल ‘दैवज्ञ’ की भविष्यवाणी फिर चर्चा में

देहरादून। उत्तराखंड ज्योतिष रत्न आचार्य डॉ. चंडी प्रसाद घिल्डियाल ‘दैवज्ञ’ की ज्योतिषीय गणनाएं इन दिनों व्यापक चर्चा का विषय बनी हुई हैं। अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम के संदर्भ में उनके पूर्व में किए गए विश्लेषण को लेकर देश-विदेश में प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

आचार्य दैवज्ञ ने फरवरी 2026 में सौरमंडल में नवग्रहों के गोचर और युति का विस्तृत अध्ययन प्रस्तुत करते हुए कहा था कि फरवरी के अंतिम दिनों और मार्च के प्रारंभ में मंगल, सूर्य, बुध, शुक्र और राहु की विशेष स्थिति वैश्विक स्तर पर तनावपूर्ण परिस्थितियों का संकेत दे रही है। उनके अनुसार यह ग्रह संयोग अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में उथल-पुथल और संघर्ष की आशंका को बढ़ाने वाला था।

हाल ही में इजराइल और अमेरिका की संयुक्त कार्रवाई में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मृत्यु की खबर के बाद, उनके समर्थक इस घटनाक्रम को आचार्य दैवज्ञ की पूर्व ज्योतिषीय व्याख्या से जोड़कर देख रहे हैं।

इस विषय पर प्रतिक्रिया देते हुए आचार्य डॉ. घिल्डियाल ने कहा कि ग्रहों और नक्षत्रों की चाल मानव जीवन तथा वैश्विक घटनाओं पर सूक्ष्म प्रभाव डालती है। उनका मानना है कि मंगल, राहु और सूर्य जैसे उग्र ग्रह जब एक साथ प्रभावी स्थिति में आते हैं तो संघर्ष और हिंसा की परिस्थितियां बन सकती हैं। वहीं शुक्र और बुध जैसे सौम्य ग्रहों की उपस्थिति से कुछ देशों पर अप्रत्यक्ष प्रभाव पड़ सकता है।

आचार्य दैवज्ञ ने आगे कहा कि वर्तमान समय में परिस्थितियां धीरे-धीरे संतुलन की ओर बढ़ेंगी, क्योंकि मिथुन राशि में गोचर कर रहे देवगुरु बृहस्पति की शुभ दृष्टि इन ग्रहों पर पड़ रही है। हालांकि उन्होंने 2 अप्रैल 2026 के बाद मंगल और शनि की संभावित युति को लेकर पुनः सतर्क रहने की सलाह दी है।

उन्होंने व्यक्तिगत, पारिवारिक, सामाजिक, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संयम, सावधानी और सकारात्मक सोच बनाए रखने का संदेश भी दिया।