उत्तराखंड: अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय में अब संस्कृत में भी चमकेंगे अधिकारियों के नाम, आदेश जारी
देहरादून। उत्तराखंड में द्वितीय राजभाषा संस्कृत के प्रचार-प्रसार को लेकर शासन स्तर पर प्रयास तेज हो गए हैं। इसी कड़ी में अब अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय के सभी प्रमुख बोर्डों और अधिकारियों की नेमप्लेट (नाम पट्टिका) पर हिंदी के साथ-साथ संस्कृत भाषा का भी अनिवार्य रूप से उपयोग किया जाएगा।
अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय के निदेशक सुशील कुमार ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि विभाग, प्रदेश सरकार के निर्देशों के तहत देववाणी संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्य सचिव के आदेशों का पालन करते हुए और संस्कृत शिक्षा के सहायक निदेशक डॉ. चंडी प्रसाद घिल्डियाल के विशेष अनुरोध पर यह कदम उठाया गया है। सहायक निदेशक के पत्र पर त्वरित संज्ञान लेते हुए संस्कृत अकादमी के सचिव द्वारा सभी अधिकारियों और बोर्डों के नामों का संस्कृत अनुवाद निदेशालय को उपलब्ध करा दिया गया है।
अकादमिक सहयोग और सत्यापन
इस कार्य को पूरी सटीकता से लागू करने के लिए जिलाधिकारी देहरादून द्वारा नामित नोडल अधिकारी और श्री शिवनाथ संस्कृत महाविद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ. मनीषा भंडारी का भी सहयोग लिया जा रहा है।
निदेशक सुशील कुमार ने आगे बताया कि सभी कार्यालयों में संस्कृत की नाम पट्टिकाएं स्थापित होने के बाद, इसकी पुष्टि के लिए तस्वीरें सहायक निदेशक देहरादून के व्हाट्सएप नंबर पर साझा की जाएंगी, ताकि वे इस प्रगति रिपोर्ट से शासन को अवगत करा सकें।

