‘हर काम देश के नाम’: विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रादेशिक सेना की ‘इकोलॉजिकल कुमाऊँ’ ने चलाया महा-अभियान

पिथौरागढ़, शुक्रवार, 05 जून 2026। विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के विशेष अवसर पर 130 इन्फैंट्री बटालियन (टीए) इकोलॉजिकल कुमाऊँ ने पंचशूल ब्रिगेड और पिथौरागढ़ जिला प्रशासन के साथ मिलकर क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण की एक अनूठी अलख जगाई। इस दौरान बड़े पैमाने पर जागरूकता कार्यक्रमों, स्वच्छता अभियानों और वृक्षारोपण का आयोजन किया गया।

नदी पुनर्जीवन और स्वच्छता की ओर कदम

अभियान की मुख्य कड़ियों में शामिल रहा ‘यक्षमती नदी पुनर्जीवन एवं स्वच्छता अभियान’। राय गदेड़ा क्षेत्र में चलाए गए इस कार्यक्रम में सेना के जवानों के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारियों, स्कूली बच्चों, स्वयंसेवकों और स्थानीय निवासियों ने मिलकर श्रमदान किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य हिमालयी क्षेत्र के पर्यावरण को बचाना और जल स्रोतों को पुनर्जीवित करना था।

2000 से अधिक पौधों का रोपण

प्रकृति को हरा-भरा बनाने के संकल्प के साथ कैंट एरिया, मिलिट्री हॉस्पिटल और फॉरेन ट्रेनिंग नोड क्षेत्रों में सघन वृक्षारोपण किया गया। इस अभियान के तहत स्थानीय जलवायु के अनुकूल 2000 से अधिक पौधे रोपे गए, जिसमें स्थानीय समाज और जवानों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

स्कूली बच्चों में जगाई जागरूकता

राज्य वन विभाग के सहयोग से ‘डॉन बॉस्को स्कूल’ में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। यहाँ बच्चों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जिसमें उन्होंने कला के माध्यम से पर्यावरण बचाने का संदेश दिया।

इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी पिथौरागढ़ और नगर निगम की महापौर कल्पना देवलाल सहित जिला प्रशासन के आला अधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने सेना और स्थानीय लोगों द्वारा किए जा रहे इन प्रयासों की जमकर सराहना की।

एकजुटता से मिली सफलता

इस पूरे पर्यावरण सप्ताह ने न केवल युवाओं और स्थानीय लोगों को प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक किया, बल्कि उन्हें इस मुहिम का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित भी किया। 130 इन्फैंट्री बटालियन (टीए) इकोलॉजिकल कुमाऊँ का यह प्रयास इस बात का बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे सेना, नागरिक प्रशासन, शैक्षणिक संस्थान और आम जनता मिलकर सतत विकास और पर्यावरण की रक्षा के लिए काम कर सकते हैं।