युवाओं ने लिया 1000 पौधे लगाने का संकल्प: ईको कुमाऊँ बटालियन की नर्सरी में स्कूली बच्चों और NCC कैडेट्स का अनूठा शैक्षणिक सफर

पिथौरागढ़, 2 जून 2026। ‘हर काम देश के नाम’ के मूल मंत्र को चरितार्थ करते हुए, विश्व पर्यावरण सप्ताह के उपलक्ष्य में युवाओं को प्रकृति से जोड़ने की एक सराहनीय पहल की गई। 130 इन्फैंट्री बटालियन (प्रादेशिक सेना) ईको कुमाऊँ ने पर्यावरण संरक्षण और जन-चेतना को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया। इस दौरान राजकीय इंटर कॉलेज भड़कटिया और दयानंद विद्या मंदिर कासनी के विद्यार्थियों सहित एनसीसी (NCC) कैडेट्स ने बटालियन की नर्सरी का दौरा किया।

वैज्ञानिक विधियों और हिमालयी तंत्र को समझा

भ्रमण के दौरान बच्चों और कैडेट्स को नर्सरी की कार्यप्रणाली को करीब से देखने का अवसर मिला। बटालियन के विशेषज्ञों ने युवाओं को:

  • हिमालयी क्षेत्र के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) को बचाने की जरूरत,
  • वैज्ञानिक तरीके से पौधशाला (नर्सरी) का प्रबंधन,
  • जैविक खाद (वर्मी कम्पोस्ट) बनाने की सटीक विधि, और
  • पौधों की उचित देखभाल के गुर सिखाए।
  • इसके साथ ही, उन्हें कुमाऊँ क्षेत्र की स्थानीय और पर्यावरण के लिए बेहद महत्वपूर्ण वनस्पति प्रजातियों से रूबरू कराया गया।
एक अनूठा संकल्प

इस ज्ञानवर्धक सफर से प्रेरित होकर छात्र-छात्राओं और एनसीसी कैडेट्स ने न सिर्फ पर्यावरण की रक्षा का जिम्मा उठाने की ठानी, बल्कि अपने जीवनकाल में कम से कम 1000 पौधे लगाने और उन्हें जीवित रखने का बड़ा संकल्प भी लिया।

प्रकृति संरक्षण की निरंतर मुहिम

ईको कुमाऊँ बटालियन द्वारा आयोजित यह दौरा विश्व पर्यावरण सप्ताह के तहत चलाए जा रहे देशव्यापी जागरूकता अभियानों की ही एक कड़ी है। इसका मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता जगाना और समाज को पर्यावरण सुधार से जोड़ना है।

गौरतलब है कि 130 इन्फैंट्री बटालियन (टीए) ईको कुमाऊँ इस पूरे क्षेत्र में लगातार पौधारोपण, जंगलों के बचाव और इकोसिस्टम को सुधारने के काम में जुटी हुई है, जो हिमालय की वादियों को हरा-भरा रखने में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है।