सांस्कृतिक कूटनीति: वायुसेना के ‘गजराज’ ने भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों को सकुशल पहुँचाया मंगोलिया

नई दिल्ली। भारत सरकार की ‘हर काम देश के नाम’ की भावना को आगे बढ़ाते हुए भारतीय वायुसेना ने एक बार फिर अपनी वैश्विक परिवहन क्षमता और देश की सांस्कृतिक कूटनीति का लोहा मनवाया है। वायुसेना के रणनीतिक परिवहन विमान IL-76 ‘गजराज’ ने भगवान बुद्ध के अत्यंत पवित्र अवशेषों को देश की राजधानी दिल्ली से मंगोलिया की राजधानी तक सफलतापूर्वक पहुँचाया है।

रातभर भरी उड़ान, सुबह लैंडिंग

पवित्र अवशेषों को लेकर वायुसेना के इस विशेष विमान ने शनिवार, 30 मई 2026 की रात को दिल्ली से उड़ान भरी थी। रातभर के लंबे सफ़र को तय करने के बाद, यह विमान भारतीय समयानुसार रविवार (31 मई 2026) सुबह 11:25 बजे मंगोलिया की धरती पर सुरक्षित रूप से लैंड हुआ।

सांस्कृतिक संबंधों को मिलेगी नई मजबूती

इस विशेष मिशन का मुख्य उद्देश्य मित्र देशों के साथ भारत के सदियों पुराने सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ बनाना है। भारत सरकार की वैश्विक सांस्कृतिक संपर्क (ग्लोबल कल्चरल आउटरीच) नीति के तहत वायुसेना ने इस ज़िम्मेदारी को निभाया है।

वायुसेना की बहुमुखी क्षमता का प्रदर्शन

यह महत्वपूर्ण मिशन इस बात का जीवंत प्रमाण है कि भारतीय वायुसेना न केवल देश की सीमाओं की सुरक्षा और सैन्य अभियानों में सक्षम है, बल्कि राष्ट्रीय हितों, कूटनीतिक उद्देश्यों और वैश्विक सांस्कृतिक अभियानों में भी अग्रणी भूमिका निभाने के लिए सदैव तत्पर रहती है।