बड़ी खबर: चकराता में लापरवाह शिक्षक पर गिरी गाज, शिक्षा मंत्री के निर्देश पर निलंबन की बड़ी कार्रवाई

देहरादून। उत्तराखंड के शिक्षा विभाग में अनुशासनहीनता फैलाने वालों के खिलाफ सरकार ने कड़ा रुख अपना लिया है। ताज़ा मामला देहरादून के चकराता ब्लॉक का है, जहाँ राजकीय प्राथमिक विद्यालय डिरनाड़ में तैनात सहायक अध्यापक हरपाल सिंह को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद एक्शन

सोशल मीडिया पर शिक्षक के स्कूल से गायब रहने का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद ग्रामीणों ने इसकी शिकायत शासन से की थी। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मामले का तुरंत संज्ञान लेते हुए विभागीय अधिकारियों को जांच के आदेश दिए। उप शिक्षा अधिकारी चकराता की प्रारंभिक जांच में शिक्षक हरपाल सिंह को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया।

एडवांस में कर दिए थे अटेंडेंस रजिस्टर पर साइन

जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि शिक्षक हरपाल सिंह 6 और 7 अप्रैल को बिना किसी सूचना के स्कूल से नदारद थे, लेकिन उन्होंने उपस्थिति पंजिका (अटेंडेंस रजिस्टर) में पहले से ही अपने हस्ताक्षर दर्ज कर दिए थे। विभाग ने इसे गंभीर धोखाधड़ी और अनुशासनहीनता माना है। शिक्षक द्वारा दिया गया स्पष्टीकरण भी संतोषजनक नहीं पाया गया, जिसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) ने निलंबन की कार्रवाई करते हुए उन्हें बीईओ कार्यालय चकराता से संबद्ध कर दिया है।

30 दिन के भीतर मांगी गई विस्तृत रिपोर्ट

डीईओ बेसिक ने खंड शिक्षा अधिकारी चकराता को मामले की गहराई से जांच करने के निर्देश दिए हैं। सभी पक्षों को सुनने के बाद 30 दिनों के भीतर फाइनल रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।

‘अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं’: धन सिंह रावत

“शिक्षा विभाग की छवि धूमिल करने वाले किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे, इसके लिए सभी जिलों के सीईओ को नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं।” — डॉ. धन सिंह रावत, शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड

अमर उजियारा न्यूज़ डेस्क