उत्तराखंड के हर ब्लॉक में मिलेंगी अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे की सुविधाएं, छह महीने में लक्ष्य पूरा करने के निर्देश

देहरादून। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब उत्तराखंड के प्रत्येक विकासखंड में अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे मशीन उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि लोगों को इन जांच सुविधाओं के लिए जिला मुख्यालय या बड़े अस्पतालों तक न जाना पड़े। विभागीय अधिकारियों को छह माह के भीतर सभी ब्लॉकों में ये सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य दिया गया है। साथ ही चिकित्सा इकाइयों में रेडियोलॉजिस्ट और एक्स-रे तकनीशियनों की तैनाती भी की जाएगी।

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार बेहतर बनाने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करना बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से विकासखंड स्तर पर ओ आका निर्णय लिया गया है।

मंत्री ने बताया कि सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे उप जिला चिकित्सालयों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे मशीन लगाने के लिए प्रस्ताव तैयार कर जल्द शासन को भेजें। विभागीय अधिकारियों को छह माह के भीतर सभी ब्लॉकों में मशीनें उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान में प्रदेश के 95 विकासखंडों में 84 एक्स-रे मशीनें और 47 अल्ट्रासाउंड मशीनें उपलब्ध हैं। इनमें विभिन्न जिलों में अलग-अलग संख्या में मशीनें स्थापित हैं। कई विकासखंडों में अभी ये सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, जहां प्राथमिकता के आधार पर मशीनें स्थापित की जाएंगी।

डॉ. रावत ने कहा कि चमोली जिले के देवाल, घेस, नंदप्रयाग और थराली तथा देहरादून के चकराता और कालसी विकासखंडों में, जहां अभी अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे की सुविधा नहीं है, वहां जल्द मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी। इसी तरह हरिद्वार जिले के बहादराबाद, भगवानपुर, खानपुर, लक्सर और नारसन में भी अल्ट्रासाउंड मशीनें लगाई जाएंगी।

पौड़ी जिले के द्वारीखाल, एकेश्वर, कल्जीखाल, नैनीडांडा, पाबौं और रिखणीखाल में अल्ट्रासाउंड मशीनें स्थापित की जाएंगी, जबकि जयहरीखाल, खिर्सू, कोट और पोखड़ा में अल्ट्रासाउंड के साथ-साथ एक्स-रे मशीन भी उपलब्ध कराई जाएगी। अन्य जिलों के विकासखंडों में भी चरणबद्ध तरीके से ये सुविधाएं पहुंचाई जाएंगी।

उन्होंने यह भी कहा कि इन मशीनों के संचालन के लिए सभी विकासखंडों की चिकित्सा इकाइयों में रेडियोलॉजिस्ट और एक्स-रे तकनीशियनों की तैनाती की जाएगी, ताकि मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही जांच और उपचार की बेहतर सुविधा मिल सके।

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