उत्तराखंड के पॉलीटेक्निक छात्रों को मिलेगी ‘AI और कोडिंग’ की मुफ्त ट्रेनिंग, पढ़ाई के साथ जुड़ेंगे दो एक्स्ट्रा क्रेडिट

तकनीकी शिक्षा विभाग ने ‘कोडयोगी’ और ‘कंप्यूटर एंड लर्न फाउंडेशन’ से मिलाया हाथ, स्मार्टफोन से ही सीख सकेंगे भविष्य की तकनीक

देहरादून। उत्तराखंड के राजकीय पॉलीटेक्निक और तकनीकी संस्थानों के छात्र अब अपनी नियमित पढ़ाई के साथ-साथ दुनिया की सबसे डिमांडिंग टेक्नोलॉजी—आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कोडिंग के मास्टर बनेंगे। युवाओं को डिजिटल युग के लिए तैयार करने के उद्देश्य से प्राविधिक शिक्षा विभाग ने ‘कोडयोगी फाउंडेशन’ और ‘कम्प्यूटर एंड लर्न फाउंडेशन’ के साथ एक अहम समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।

तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की मौजूदगी में इस साझीदारी पर मुहर लगी। इस अनूठी पहल के तहत छात्रों को एआई (AI) के बेसिक नियम, कोडिंग, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग और इसके प्रैक्टिकल इस्तेमाल की बिल्कुल मुफ्त (Free) ट्रेनिंग दी जाएगी।

बिना कंप्यूटर लैब और बिना किसी फीस के होगी पढ़ाई

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार तकनीकी शिक्षा को पूरी तरह आधुनिक और सीधे रोजगार से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। इस कोर्स की सबसे बड़ी खासियतें इस प्रकार हैं:

  • स्मार्टफोन से पढ़ाई: छात्रों को इस ट्रेनिंग के लिए किसी महंगी कंप्यूटर लैब या इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत नहीं होगी। वे अपने मोबाइल से ही इसे सीख सकेंगे।
  • अपनी भाषा में शिक्षा: यह कोर्स छात्रों के लिए उनकी सुगम भाषा में उपलब्ध होगा।
  • एक्स्ट्रा क्रेडिट का फायदा: कोर्स को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले विद्यार्थियों को उनके सिलेबस में दो अकादमिक क्रेडिट (Academic Credits) का लाभ मिलेगा।
  • जीरो कॉस्ट मॉडल: इस पूरे प्रोग्राम का खर्च कोडयोगी फाउंडेशन खुद उठाएगा, जिससे सरकार या छात्रों पर कोई आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।

“यह पहल हमारे छात्रों को सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उनके भीतर प्रॉब्लम सॉल्विंग (समस्या सुलझाने की क्षमता) और नए विचारों (इन्नोवेशन) को जन्म देगी।”

उत्तराखंड के युवाओं का वैश्विक कंपनियों तक का सफर

MoU के दौरान कोडयोगी फाउंडेशन के फाउंडर प्रशांत चौधरी ने एक प्रेरक बात साझा की। उन्होंने कहा, “हमारी शुरुआत उत्तराखंड से ही हुई थी। यहाँ के पॉलीटेक्निक से निकले छात्र हमसे कोडिंग सीखकर आज बड़ी-बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों (MNCs) में ऊंचे पदों पर काम कर रहे हैं। आज के युवाओं के लिए बस एक स्मार्टफोन और सीखने का जज्बा ही काफी है।”

इस महत्वपूर्ण बैठक में तकनीकी शिक्षा सचिव डॉ. रंजीत सिन्हा, तकनीकी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. तृप्ता ठाकुर, तकनीकी शिक्षा निदेशक देशराज, कोडयोगी के संस्थापक प्रशांत चौधरी और कंप्यूटर एंड लर्न फाउंडेशन के निदेशक साई प्रसाद साले समेत विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।