सेना की ईको बटालियन का बड़ा कदम: पिथौरागढ़ में ‘पर्यावरण सप्ताह’ के तहत रोपे जाएंगे 1000 पौधे, नदी सफाई अभियान भी शामिल

पिथौरागढ़। ‘हर काम देश के नाम’ के जज्बे को दोहराते हुए, 130 इन्फैंट्री बटालियन (टीए) ईको कुमाऊँ इस साल विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर एक विशाल पर्यावरण सप्ताह का आयोजन करने जा रही है। 02 जून से शुरू होकर 05 जून 2026 तक चलने वाले इस विशेष अभियान का उद्देश्य पिथौरागढ़ और उसके आस-पास के इलाकों को हरा-भरा बनाना और लोगों को प्रकृति के प्रति जागरूक करना है। इस वर्ष यह आयोजन “प्रकृति से प्रेरित, जलवायु के लिए, हमारे भविष्य के लिए” की थीम पर आधारित है।

📅 चार दिनों के मुख्य कार्यक्रम और गतिविधियां:

छात्रों के लिए खास वर्कशॉप: स्कूली बच्चों को यूनिट नर्सरी का दौरा कराया जाएगा, जहां उन्हें पौधशाला (नर्सरी) की आधुनिक तकनीकों और वर्मी कम्पोस्टिंग (केंचुआ खाद बनाने की विधि) के बारे में सिखाया जाएगा।

  • महा-वृक्षारोपण अभियान: देवकटिया सैन्य क्षेत्र में 348 मेडिकल रेजीमेंट और आईटीबीपी की 14वीं बटालियन के साथ मिलकर एक बड़ा पौधारोपण अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत करीब 1,000 नए पौधे लगाए जाएंगे।
  • नदी और हिल्स स्वच्छता अभियान: यक्षवती नदी को नया जीवन देने और उसे साफ रखने के लिए एसएसबी की 55वीं बटालियन, 12 कुमाऊँ, एनसीसी कैडेट्स और स्कूली छात्र मिलकर काम करेंगे। इसके अलावा, चंडाक हिल्स में भी सफाई अभियान चलाया जाएगा, जिसमें पूर्व सैनिक, स्थानीय प्रशासन, स्वयंसेवी संस्थाएं और आम नागरिक हिस्सा लेंगे।
  • 05 जून (पर्यावरण दिवस) का विशेष आयोजन: छावनी क्षेत्र, विभिन्न गांवों और स्कूलों में जागरूकता रैलियां और पौधारोपण होगा। साथ ही, डॉन बॉस्को स्कूल (पिथौरागढ़) में बच्चों के लिए पेंटिंग कॉम्पिटिशन, कल्चरल प्रोग्राम और पौधारोपण के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
  • ईको कुमाऊँ बटालियन द्वारा शुरू किया गया यह पर्यावरण सप्ताह स्थानीय लोगों, युवाओं और विभिन्न विभागों को पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास (Sustainable Development) से जोड़ने की एक बेहतरीन कोशिश है।

बटालियन ने क्षेत्र के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी निभाएं और धरती को सुरक्षित बनाने में अपना योगदान दें।