नौसेना अकादमी एझिमाला में शानदार पासिंग आउट परेड: देश को मिले 311 नए जांबाज अफसर, महिला शक्ति ने दिखाई धमक

एझिमाला (केरलम), 29 मई 2026। भारतीय नौसेना अकादमी (INA), एझिमाला का मैदान गुरुवार, 28 मई 2026 को एक ऐतिहासिक पल का गवाह बना। वसंत सत्र 2026 के समापन पर आयोजित एक बेहद भव्य पासिंग आउट परेड (POP) के साथ ही 311 युवा प्रशिक्षुओं का कड़ा सैन्य प्रशिक्षण पूरा हो गया। अब ये सभी देश सेवा के मुख्य मार्ग पर कदम रख चुके हैं। ‘हर काम देश के नाम’ के मूल मंत्र को साकार करते हुए इस पासिंग आउट परेड में भारतीय सेनाओं की बढ़ती ताकत और वैश्विक पहुंच की अनूठी झलक देखने को मिली।

नारी शक्ति और वैश्विक मित्रता का बेजोड़ संगम

इस बार की पासिंग आउट परेड कई मायनों में बेहद खास रही:

  • परेड को सफलतापूर्वक पार करने वाले 311 प्रशिक्षुओं में 66 महिला अधिकारी शामिल रहीं, जो रक्षा बलों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का सीधा प्रमाण है।
  • अकादमी की ग्लोबल पहचान को मजबूत करते हुए तीन मित्र देशों—सेशेल्स, तंजानिया और वियतनाम—के 6 विदेशी कैडेट्स ने भी यहां से ट्रेनिंग पूरी की। इनमें सेशेल्स की दो महिला कैडेट्स भी शामिल थीं।
दिग्गजों की मौजूदगी में थमे कदम

इस गौरवमयी परेड की सलामी मुख्य अतिथि और निरीक्षण अधिकारी वाइस एडमिरल समीर सक्सेना (ध्वज अधिकारी कमान-इन-चीफ, दक्षिणी नौसेना कमान) ने ली। परेड के दौरान आईएनए के कमांडेंट वाइस एडमिरल मनीष चड्ढा भी अग्रिम भूमिका में मौजूद रहे। इस खास मौके पर वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, विदेशी अताशे और देश-विदेश से आए प्रशिक्षुओं के भावुक और गौरवान्वित माता-पिता इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने।

पदक विजेताओं की सूची: जिन्होंने हासिल किया सर्वोच्च मुकाम

परेड के दौरान मुख्य अतिथि ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी कैडेट्स को मेडल और ट्रॉफियों से नवाजा:

‘वैश्विक दोस्ती और कड़े अनुशासन की मिसाल’

समीक्षा अधिकारी वाइस एडमिरल समीर सक्सेना ने सभी नव-नियुक्त अधिकारियों को बधाई देते हुए उनके उच्च स्तरीय अनुशासन और शानदार ड्रिल की जमकर तारीफ की। उन्होंने प्रशिक्षकों की मेहनत और अभिभावकों के अटूट सहयोग को सलाम किया। विदेशी कैडेट्स के महत्व पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि शुरुआती दौर की यह ट्रेनिंग मित्र देशों के साथ जीवनभर की दोस्ती और वैश्विक समुद्री सुरक्षा सहयोग की मजबूत नींव रखती है।

नए सफर की शुरुआत

परेड के समापन के बाद, ‘पिप्पिंग सेरेमनी’ (Stripe Shipping Ceremony) के दौरान मुख्य अतिथि, कमांडेंट और अभिभावकों ने पास आउट हुए कैडेट्स के कंधों पर ‘सब लेफ्टिनेंट’ रैंक की पट्टियां लगाईं। कठोर ट्रेनिंग का सफर पार कर चुके ये युवा अधिकारी अब देश की रक्षा और अपनी पेशेवर कुशलता को और धार देने के लिए भारतीय नौसेना के विभिन्न युद्धपोतों और अग्रिम प्रशिक्षण केंद्रों के लिए रवाना होंगे।