सुकून की तलाश में निकले पर्यटक आ रहे ‘तनाव’ में; नैनीताल रोड पर लगा मीलों लंबा जाम
हल्द्वानी/नैनीताल। मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप से राहत पाने के लिए पहाड़ों का रुख कर रहे पर्यटकों को राहत की जगह भारी मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। वीकेंड और समर वेकेशन (गर्मियों की छुट्टियों) के चलते उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नैनीताल और उसके आसपास के क्षेत्रों में सैलानियों का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। नतीजा यह है कि नैनीताल को जोड़ने वाले मुख्य मार्गों पर कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग रहा है, जिससे यात्रियों के सुकून के सफर पर पूरी तरह पानी फिर गया है।
मुख्य मार्ग बने ‘पार्किंग लॉट’
नैनीताल रोड और काठगोदाम-हल्द्वानी हाईवे पर गाड़ियों का दबाव इस कदर बढ़ गया है कि सड़कें मानो खुली पार्किंग लॉट में तब्दील हो गई हैं।
- घंटों का इंतजार: जहां हल्द्वानी से नैनीताल का सफर आमतौर पर डेढ़ से दो घंटे में पूरा हो जाता था, वहीं अब पर्यटकों को अपनी मंजिल तक पहुंचने में 4 से 6 घंटे का समय लग रहा है।
- रेंगते वाहन: काठगोदाम, वीरभट्टी, ज्योलीकोट और भवाली जैसे संवेदनशील बॉटलनेक (सँकरे रास्तों) पर वाहन रेंग-रेंग कर चलने को मजबूर हैं।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी पड़ती भीड़
स्थानीय प्रशासन द्वारा यातायात को सुचारू बनाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और रूट डायवर्जन भी लागू किए गए हैं। हालांकि, क्षमता से अधिक वाहनों के आने के कारण ये सारे इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। नैनीताल शहर के भीतर भी पार्किंग फुल होने के चलते प्रशासन को कई वाहनों को शहर के बाहर ही रोकना पड़ रहा है, जिससे पर्यटकों में खासी नाराजगी देखी जा रही है।
एक पीड़ित पर्यटक का कहना है: “हम दिल्ली की गर्मी से बचने और दो दिन शांति से बिताने यहां आए थे। लेकिन कल शाम से हम सिर्फ गाड़ी में बैठे हैं। एसी बंद करते ही गर्मी लगती है और रास्ते पर गाड़ियां हिलने का नाम नहीं ले रही हैं।”
स्थानीय लोगों के लिए भी बढ़ी मुसीबतें
इस भारी जाम का असर सिर्फ पर्यटकों पर ही नहीं, बल्कि स्थानीय निवासियों पर भी पड़ रहा है। स्कूल बसें, एम्बुलेंस और रोजमर्रा के काम से निकलने वाले लोग इस ट्रैफिक में फंस रहे हैं। इसके अलावा, पहाड़ों के संकरे रास्तों पर गाड़ियों के लगातार स्टार्ट रहने से स्थानीय तापमान और प्रदूषण में भी इजाफा दर्ज किया जा रहा है।
यात्रा पर निकलने से पहले प्रशासन की सलाह
यदि आप भी आने वाले दिनों में नैनीताल या आसपास के पहाड़ी इलाकों की यात्रा का प्लान बना रहे हैं, तो इन बातों का विशेष ध्यान रखें:
- प्री-बुकिंग अनिवार्य: होटल और पार्किंग की एडवांस बुकिंग के बिना सीधे पहाड़ों का रुख न करें।
- ऑफ-पिक आवर्स चुनें: सुबह जल्दी या देर रात को सफर शुरू करें ताकि मुख्य जाम से बचा जा सके।
- वैकल्पिक मार्ग: यदि संभव हो, तो मुख्य मार्गों के बजाय प्रशासन द्वारा बताए गए वैकल्पिक ग्रामीण रास्तों का उपयोग करें।

