उत्तराखंड के युवाओं का वैश्विक सपना अब घर के पास होगा साकार: चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी (यूपी) का ₹2,500 करोड़ का पहला एआई-स्मार्ट कैंपस तैयार

मुख्य आकर्षण:

  • रोजगार की नई दिशा: पारंपरिक डिग्रियों के बजाय एआई, साइबर सिक्योरिटी और क्वांटम टेक्नोलॉजी पर आधारित ‘फ्यूचर-रेडी’ शिक्षा।
  • दिग्गज कंपनियों का साथ: गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और आईबीएम समेत 23+ वैश्विक कंपनियों के साथ सीधे समझौते (MoUs)।
  • बड़ी वित्तीय सहायता: मेधावी छात्रों के लिए ‘CUCET 2026’ प्रवेश परीक्षा के जरिए ₹50 करोड़ की स्कॉलरशिप।
  • स्टार्टअप को पंख: ‘कैंपस टैंक’ और ‘सीयू एआई स्पेस’ के माध्यम से युवा उद्यमियों को ₹50 करोड़ ($6 मिलियन) की फंडिंग।

​हल्द्वानी और कुमाऊं के हुनर को अब बड़े अवसरों के लिए नहीं छोड़ना होगा अपना राज्य

हल्द्वानी। आधुनिक दौर की मांग और तेजी से बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था को देखते हुए चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, उत्तर प्रदेश (CU UP) ने उत्तराखंड के युवाओं के लिए वैश्विक करियर के नए द्वार खोल दिए हैं। लगभग 2,500 करोड़ रुपये के भारी-भरकम निवेश से तैयार देश का यह पहला ‘एआई-ऑगमेंटेड मल्टीडिसिप्लिनरी’ स्मार्ट कैंपस हल्द्वानी और कुमाऊं क्षेत्र के होनहार विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का एक्सपोज़र देने के लिए पूरी तरह तैयार है। अब यहां के छात्रों को विश्वस्तरीय तकनीकी शिक्षा और बेहतरीन प्लेसमेंट के लिए बड़े महानगरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।

​हल्द्वानी में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी (यूपी) के डीन साइंसेज़, डॉ. हिमांशु त्रिपाठी ने इस नए युग के शैक्षणिक मॉडल की खूबियों को साझा किया। उन्होंने कहा:

​”उत्तराखंड की युवा पीढ़ी में बेमिसाल प्रतिभा है, लेकिन आधुनिक रिसर्च और कॉर्पोरेट जगत के सीधे जुड़ाव की कमी के कारण वे अक्सर पीछे रह जाते थे या उन्हें अपना घर छोड़ना पड़ता था। सीयू यूपी इसी भौगोलिक दूरी और तकनीकी अंतर को मिटाने आया है।”

​टेक दिग्गजों के सहयोग से तैयार होगा ‘इंडस्ट्री-रेडी’ कार्यबल

​आज के समय में केवल किताबी ज्ञान करियर की गारंटी नहीं है। इसी सोच के साथ यूनिवर्सिटी ने अपने पूरे पाठ्यक्रम को वैश्विक उद्योगों की जरूरतों के हिसाब से ढाला है। संस्थान ने गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और आईबीएम जैसी दुनिया की 23 से अधिक अग्रणी कंपनियों के साथ करार किया है, जिससे छात्रों को लाइव प्रोजेक्ट्स और वास्तविक कॉर्पोरेट माहौल में काम करने का अनुभव मिल सके। इसके अलावा, 100 से ज्यादा शीर्ष कॉर्पोरेट दिग्गजों का एक ‘एडवाइजरी बोर्ड’ पहले दिन से ही छात्रों की करियर काउंसिलिंग सुनिश्चित करता है।

​शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए 68 विशेष प्रोग्राम्स की शुरुआत

​बदलते दौर की मांग को देखते हुए यूनिवर्सिटी ने इस नए सत्र के लिए 68 विशेष पाठ्यक्रमों की घोषणा की है। इनमें:

  • 40 अंडरग्रेजुएट (UG) प्रोग्राम
  • 16 पोस्टग्रेजुएट (PG) प्रोग्राम
  • 12 लेटरल एंट्री प्रोग्राम
  • ​देश में अनुसंधान (Research) की दिशा बदलने के लिए 22 मल्टीडिसिप्लिनरी पीएचडी (PhD) प्रोग्राम भी शामिल हैं।

​मेधावियों के लिए CUCET 2026 और ₹50 करोड़ की छात्रवृत्ति

​उत्तराखंड के हर वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर और मेधावी छात्रों की राह आसान बनाने के लिए यूनिवर्सिटी ने अपने एडमिशन और स्कॉलरशिप पोर्टल CUCET 2026 की शुरुआत की है। इस ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा के माध्यम से योग्य छात्र ₹50 करोड़ तक की स्कॉलरशिप का लाभ उठा सकते हैं। पिछले सत्र में भी कुमाऊं सहित अन्य क्षेत्रों के 2,000 से अधिक विद्यार्थियों को करोड़ों रुपये की छात्रवृत्ति का सीधा फायदा मिला था।

​नए विचारों को बढ़ावा: ‘कैंपस टैंक’ और ‘क्वांटम फॉर भारत’

​नवाचार (Innovation) और नए बिजनेस आइडियाज को बढ़ावा देने के लिए कैंपस में ‘कैंपस टैंक’ और ‘सीयू एआई स्पेस’ जैसी अनूठी पहल की गई हैं। ‘कैंपस टैंक’ के माध्यम से अब तक 1,000 से अधिक कल्याणी स्टार्टअप्स को करीब 50 करोड़ रुपये (6 मिलियन यूएस डॉलर) की फंडिंग मुहैया कराई जा चुकी है। इसके अलावा, तकनीकी रिसर्च के क्षेत्र में छात्राओं को आगे लाने के लिए विशेष ‘नारी’ योजना चलाई जा रही है। हाल ही में यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित ‘क्वांटम फॉर भारत’ मिशन और देश के पहले ‘एआई हेल्थकेयर हैकाथॉन’ (जिसमें 5,000 से अधिक युवाओं ने हिस्सा लिया) ने संस्थान के राष्ट्रीय विज़न को साबित किया है।

​प्रेस कॉन्फ्रेंस के समापन पर डॉ. हिमांशु त्रिपाठी ने स्थानीय अभिभावकों और छात्रों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि सीयू यूपी सिर्फ एक यूनिवर्सिटी नहीं, बल्कि उत्तर भारत के युवाओं के भविष्य को संवारने वाला एक क्रांतिकारी इकोसिस्टम है, जिसका सीधा और सबसे पहला लाभ हल्द्वानी तथा पूरे कुमाऊं के युवाओं को मिलेगा।