शहीद मेजर चंद्र शेखर मिश्रा (शौर्य चक्र) की प्रतिमा का सैनिक स्कूल घोड़ाखाल में अनावरण; परेड ग्राउंड का नाम भी बदला

घोड़ाखाल/नैनीताल। सैनिक स्कूल घोड़ाखाल के परिसर में कल (शनिवार, 22 मई को) एक बेहद भावुक और गरिमामयी समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान विद्यालय के पूर्व छात्र और मरणोपरांत ‘शौर्य चक्र’ से सम्मानित शहीद मेजर चंद्र शेखर मिश्रा की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया गया। इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए शहीद मेजर का परिवार, विद्यालय प्रशासन, ओल्ड बॉयज़ एसोसिएशन (OBA) के सदस्य और कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मौजूद रहे।

वीरता और सर्वोच्च बलिदान का सफर

शहीद मेजर चंद्र शेखर मिश्रा के राष्ट्र सेवा के सफर की शुरुआत सैनिक स्कूल घोड़ाखाल से ही हुई थी, जहाँ उन्होंने साल 1973 में दाखिला लिया था।

  • 1981: स्कूल की शिक्षा पूरी कर राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) में प्रवेश किया।
  • सैन्य करियर: भारतीय सेना की प्रतिष्ठित ’14 जाट रेजिमेंट’ में ऑफिसर के रूप में कमीशन प्राप्त किया।
  • अंतिम मिशन: साल 1996 में वह 34 राष्ट्रीय राइफल्स (जाट) में कंपनी कमांडर के तौर पर जम्मू-कश्मीर में तैनात थे। 6 दिसंबर 1996 को आतंकियों के खिलाफ एक कड़े ऑपरेशन का नेतृत्व करते हुए उन्होंने अदम्य साहस का परिचय दिया और देश की रक्षा में वीरगति को प्राप्त हुए। उनके इसी सर्वोच्च बलिदान के लिए सरकार ने उन्हें मरणोपरांत ‘शौर्य चक्र’ से नवाजा था।
गौरवशाली पलों में छलक उठीं आँखें

समारोह के दौरान स्कूल की प्रधानाचार्या ग्रुप कैप्टन मधु सेंगर ने शहीद मेजर की प्रतिमा पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें नमन किया। इसके बाद शहीद मेजर की धर्मपत्नी श्रीमती राजश्री मिश्रा ने अपने पति को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस भावुक क्षण में उन्होंने स्कूल प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें अपने पति की शहादत और देशप्रेम पर बेहद गर्व है।

ओल्ड बॉयज़ एसोसिएशन (OBA) के अध्यक्ष एयर वाइस मार्शल ओ.पी. तिवारी (सेवानिवृत्त) और महासचिव श्री विनोद सिंघल ने भी पुष्पांजलि अर्पित कर मेजर मिश्रा के शौर्य को याद किया।

सदा के लिए अमर हुई यादें: “सी. एस. मिश्रा परेड ग्राउंड”

“शहीद मेजर चंद्र शेखर मिश्रा का नाम और उनका बलिदान घोड़ाखाल परिवार की यादों में हमेशा जिंदा रहेगा। वह स्कूल में आने वाली हर नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा के सबसे बड़े स्रोत रहेंगे।” — ग्रुप कैप्टन मधु सेंगर, प्रधानाचार्या

इस खास मौके को हमेशा के लिए यादगार बनाने के लिए विद्यालय प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लिया। स्कूल के मुख्य परेड ग्राउंड का नाम अब बदलकर “सी. एस. मिश्रा परेड ग्राउंड” कर दिया गया है। प्रशासन का मानना है कि यह कदम आने वाले नौनिहालों में राष्ट्रभक्ति और साहस की भावना को हमेशा जगाता रहेगा।