शस्त्र और शास्त्र का समन्वय ही राष्ट्र की वास्तविक शक्ति: डॉ. घिल्डियाल

देहरादून। श्री शिवनाथ संस्कृत डिग्री कॉलेज (प्रीतम रोड) में आयोजित राष्ट्रीय पर्व समारोह के दौरान मुख्य अतिथि एवं सहायक निदेशक (शिक्षा व संस्कृत शिक्षा) डॉ. चंडी प्रसाद घिल्डियाल ने ध्वजारोहण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने राष्ट्र निर्माण में सामरिक और सांस्कृतिक पहलुओं के संतुलन पर जोर दिया।

डॉ. घिल्डियाल ने श्लोक “शस्त्रेण रक्ष्यते राष्ट्रं शास्त्र चर्चा प्रवर्तते” का संदर्भ देते हुए कहा कि सीमाओं पर सैनिक शस्त्रों के बल पर देश की रक्षा करते हैं, जबकि शिक्षण संस्थानों में शास्त्रों का अध्ययन देश की आंतरिक सुरक्षा और सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखता है। इसलिए देश की मजबूती के लिए दोनों का ज्ञान आवश्यक है।

कार्यक्रम के मुख्य बिंदु:

परिषदीय परीक्षा 2026 में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण विद्यार्थियों को डॉ. घिल्डियाल और समाजसेवी अनिल श्रीवास्तव द्वारा सम्मानित किया गया।

डालनवाला वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. अनिल जग्गी ने कहा कि भावी नेतृत्व तैयार करने के लिए विद्यार्थियों को स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास से जोड़ना जरूरी है।

प्राचार्य डॉ. मनीषा भंडारी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि महाविद्यालय शहीदों के स्मरण में सभी राष्ट्रीय पर्वों का आयोजन निष्ठापूर्वक करता है।

आशाराम मैठाणी के संचालन में संपन्न इस कार्यक्रम में छात्रों ने देशभक्ति से ओतप्रोत साहित्यिक व सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इस दौरान सेवानिवृत्त इनकम टैक्स जॉइंट कमिश्नर आर. आर. अग्रवाल, विजया शर्मा, एम. एम. सिंघल, ए. के. श्रीवास्तव, यशपाल अजवानी, अंजलि थापा और चंद्रकांत मैठाणी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।