उत्तराखंड: ‘गैस की किल्लत पैदा की तो खैर नहीं, सीधे होगी FIR’, मंत्री रेखा आर्या ने दिए सख्त निर्देश

देहरादून। उत्तराखंड में एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति को लेकर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। मंगलवार को विधानसभा सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में गैस की कोई कमी नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कहीं भी ‘आर्टिफिशियल स्कैरसिटी’ (कृत्रिम अभाव) पैदा कर कालाबाजारी की गई, तो दोषियों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज की जाएगी।

होम डिलीवरी पर जोर, गैस एजेंसी से नहीं मिलेंगे सिलेंडर

बैठक में मंत्री ने सभी जिला पूर्ति अधिकारियों (DSO) को निर्देशित किया कि उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की शत-प्रतिशत होम डिलीवरी सुनिश्चित की जाए। किसी भी स्थिति में उपभोक्ताओं को सिलेंडर लेने के लिए गैस एजेंसी या स्टोर रूम के चक्कर न काटने पड़ें।

आंकड़ों में प्रदेश की स्थिति:

समीक्षा के दौरान प्रदेश में गैस कनेक्शन और स्टॉक की वर्तमान स्थिति साझा की गई:

  1. कुल घरेलू कनेक्शन: 35,55,559
  2. कुल कमर्शियल कनेक्शन: 60,976
  3. मौजूदा स्टॉक (घरेलू): 80,861 सिलेंडर
  4. मौजूदा स्टॉक (कमर्शियल): 12,146 सिलेंडर
  5. कालाबाजारी पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, अब तक 15 FIR

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने बताया कि विभाग जमाखोरी और मुनाफाखोरी के खिलाफ लगातार अभियान चला रहा है।

“अब तक प्रदेश भर में 173 ठिकानों पर छापेमारी की जा चुकी है और अनियमितता पाए जाने पर 15 एफआईआर दर्ज कराई गई हैं। हमारा लक्ष्य उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है।” — रेखा आर्या, कैबिनेट मंत्री

कमर्शियल कनेक्शन के लिए जारी किया 24 घंटे का डेडलाइन

व्यवसायियों की सुविधा के लिए मंत्री ने गैस कंपनियों को निर्देश दिया कि कमर्शियल गैस कनेक्शन के आवेदन के 24 घंटे के भीतर कनेक्शन उपलब्ध कराया जाए। अस्पतालों और स्कूलों को सप्लाई नियमित रखने के लिए भी केंद्र की एसओपी (SOP) का पालन करने को कहा गया है।

बीपीसीएल (BPCL) को लगाई फटकार

बैठक में कई जिलों के आपूर्ति अधिकारियों ने बीपीसीएल कंपनी से सप्लाई कम मिलने की शिकायत की। इस पर मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कंपनी प्रतिनिधियों को व्यवस्था सुधारने की मोहलत दी और कहा कि सुधार न होने पर केंद्र सरकार को शिकायत भेजी जाएगी।

पीएनजी (PNG) पर रहेगा फोकस

मंत्री ने बताया कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए राज्य में पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) लाइनों का जाल बिछाने पर जोर दिया जा रहा है। एनओसी (NOC) संबंधी दिक्कतों को दूर करने के लिए वह जल्द ही केंद्र सरकार को पत्र लिखेंगी।

बैठक में मौजूदगी: बैठक में विभागीय सचिव एल. फैनई, अपर आयुक्त जी.एस. पांगती समेत तेल कंपनियों के प्रतिनिधि और ऑनलाइन माध्यम से सभी जिलों के पूर्ति अधिकारी मौजूद रहे।