स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी को मिली जमीन की हरी झंडी, 2026 से शुरू होंगी कक्षाएं : रेखा आर्या
वन विभाग ने दी सहमति, खेल शिक्षा के नए अध्याय की तैयारी तेज
देहरादून, 27 नवंबर। लंबे समय से अटकी प्रदेश की स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी परियोजना आखिर आगे बढ़ चली है। वन विभाग से भूमि हस्तांतरण पर सैद्धांतिक सहमति मिलने के बाद अब विश्वविद्यालय के संचालन का मार्ग साफ हो गया है। खेल मंत्री रेखा आर्या ने विभागीय समीक्षा बैठक के बाद बताया कि यूनिवर्सिटी में 2026 के शैक्षणिक सत्र से कक्षाएं शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि इस प्रकरण की फाइल दो–तीन बार वन विभाग से वापस लौटी थी, लेकिन अब दोनों विभागों के बीच सहमति बन चुकी है। उन्होंने अधिकारियों को विश्वविद्यालय के लिए आवश्यक पद सृजन की प्रक्रिया को तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि चंपावत में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज, जिसका शिलान्यास राज्य स्थापना के रजत जयंती समारोह के दौरान प्रधानमंत्री द्वारा किया गया था, उसमें भी अगले साल से कक्षाएं शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना और मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत अक्टूबर तक की सभी धनराशि खिलाड़ियों को उपलब्ध कराई जा चुकी है। आगे की जरूरतों के लिए बजट मांग भेजने के निर्देश भी दे दिए गए हैं।
इसके साथ ही विभाग अब पदक विजेताओं को आउट ऑफ टर्न नौकरी देने हेतु यह प्रस्ताव शासन को भेजेगा कि अधिसंख्य पदों का सृजन खेल विभाग में ही किया जाए, ताकि अन्य विभागों में उत्पन्न होने वाली पूर्व की समस्याओं से बचा जा सके।
मंत्री रेखा आर्या ने बैठक में इस पर नाराजगी भी जताई कि खेल विभाग के लिए निर्धारित आबकारी विभाग से ₹1 प्रति बोतल सेस की राशि अब तक विभाग को प्राप्त नहीं हो सकी है। उन्होंने अधिकारियों को इस दिशा में तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में विशेष प्रमुख खेल सचिव अमित सिन्हा, खेल निदेशक आशीष चौहान, अपर निदेशक अजय अग्रवाल और महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के प्राचार्य राजेश ममगाई सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

