बड़ी खबर – उत्तराखंड में नई शिक्षा रूपरेखा को मंजूरी, अब 240 दिन चलेंगी कक्षाएं
देहरादून, 04 सितम्बर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (NEP-2020) के तहत तैयार राज्य स्तरीय पाठ्यचर्या को टास्क फोर्स ने मंजूरी दे दी है। अब प्रदेश के स्कूलों में सालभर में 240 दिन अनिवार्य रूप से कक्षाएं संचालित होंगी, जबकि परीक्षा व मूल्यांकन के लिए 20 दिन और सहशैक्षणिक गतिविधियों तथा बस्ता रहित दिवसों के लिए 10-10 दिन निर्धारित किए गए हैं।
सचिवालय सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने की। बैठक में विभागीय अधिकारियों ने नई पाठ्यचर्या की रूपरेखा का विस्तृत प्रजेंटेशन प्रस्तुत किया। इसमें मौजूद मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन, सचिव शिक्षा रविनाथ रमन, सचिव संस्कृति युगल किशोर पंत समेत सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव को पारित किया।
नई रूपरेखा के मुख्य बिंदु:
- सप्ताह में 32 घंटे का शैक्षणिक समय तय किया गया।
- पाठ्यचर्या को 5 भागों में विभाजित किया गया है, जिसमें शिक्षा के उद्देश्य, मूल्य-आधारित शिक्षा, पर्यावरणीय संवेदनशीलता, समावेशी शिक्षा, परामर्श, तकनीकी उपयोग और मूल्यांकन की स्पष्ट दिशा तय की गई है।
- विद्यालयी संस्कृति, गतिविधियों, सामाजिक मूल्यों के साथ-साथ शिक्षा का बुनियादी ढांचा, शिक्षक क्षमताएं और परिवार की भूमिका पर भी विशेष जोर दिया गया है।
डॉ. रावत ने बताया कि NEP-2020 के अंतर्गत कुल 297 कार्य निर्धारित हैं, जिनमें से 202 कार्य राज्यों द्वारा लागू किए जाने हैं। उत्तराखंड में इस नई रूपरेखा से शिक्षा व्यवस्था अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनेगी।
बैठक में मौजूद प्रमुख अधिकारी:
मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन, सचिव शिक्षा रविनाथ रमन, सचिव संस्कृति युगल किशोर पंत, अपर सचिव उच्च शिक्षा मनुज गोयल, निदेशक SCERT वंदना गर्ब्याल, अपर निदेशक पदमेन्द्र सकलानी, NEP सेल प्रभारी कृष्णानंद बिजल्वाण, कोऑर्डिनेटर रविदर्शन तोपवाल सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।

