उत्तराखंड: शिक्षा के क्षेत्र में ‘चार साल बेमिसाल’, धरातल पर उतरीं योजनाएं तो नौनिहालों के सपनों को लगे पंख
देहरादून। उत्तराखंड में पिछले चार वर्षों के दौरान विद्यालयी शिक्षा के ढांचे में आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिला है। कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के नेतृत्व में सूबे की शिक्षा प्रणाली न केवल सुदृढ़ हुई है, बल्कि नई शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन से सरकारी स्कूलों के छात्रों को भी कॉन्वेंट स्तर की सुविधाएं मिलने लगी हैं। आंकड़ों की जुबानी देखें तो माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में बीते चार साल उपलब्धियों के नए कीर्तिमान स्थापित करने वाले रहे हैं।
किताबों का बोझ हुआ कम, बजट ने थामी जिम्मेदारी
प्रदेश सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर मेधावियों की राह आसान करते हुए कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराने की मुहिम चलाई।
- रिकॉर्ड वितरण: वर्ष 2022 से अब तक लाखों छात्रों को करोड़ों पुस्तकें बांटी गईं। अकेले शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए लगभग 3.26 लाख छात्रों को 38 लाख से अधिक पुस्तकें देने का लक्ष्य है।
- नोट बुक्स की सौगात: वर्तमान वित्तीय वर्ष में कक्षा 1 से 12 तक के करीब 9 लाख छात्र-छात्राओं को मुफ्त नोट बुक्स भी दी जा रही हैं।
बोर्ड परीक्षाओं में ‘सुपर’ परफॉर्मेंस
शिक्षा विभाग के व्यवस्थित और पारदर्शी मूल्यांकन का असर परीक्षा परिणामों पर साफ दिख रहा है।
- हाईस्कूल: साल 2022 में जहां हाईस्कूल का रिजल्ट 77.47% था, वह 2025 में छलांग लगाकर 90.77% पहुंच गया है।
- इंटरमीडिएट: इंटर के परीक्षाफल में भी निरंतर सुधार दर्ज किया गया है, जो अब 83.23% के स्तर पर है।
छात्रवृत्ति और ‘भारत दर्शन’ से बढ़ा उत्साह
मेधावी छात्रों के लिए शुरू की गई ‘मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना’ के तहत कक्षा 6 से 12 तक के हजारों छात्र लाभान्वित हो रहे हैं। वर्ष 2025-26 में ही 12 हजार से अधिक छात्रों को इसका सीधा लाभ मिला। वहीं, ‘भारत-दर्शन’ योजना के जरिए नौनिहालों को देश के प्रतिष्ठित संस्थानों और ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण कराकर उनके बौद्धिक विकास को नई दिशा दी जा रही है।
559 कलस्टर स्कूलों से बदलेगी तस्वीर
नई शिक्षा नीति के तहत प्रदेश में 559 कलस्टर विद्यालयों का चयन किया गया है। ये स्कूल आधुनिक शिक्षा के केंद्र बनेंगे, जहाँ:
- स्मार्ट और वर्चुअल क्लासेस की सुविधा होगी।
- अटल टिंकरिंग लैब और कंप्यूटर लैब से छात्र तकनीक सीखेंगे।
- आधुनिक पुस्तकालयों के जरिए ज्ञान का विस्तार होगा।
- खेल के मैदान में भी गाड़े झंडे
पढ़ाई के साथ-साथ उत्तराखंड के छात्र खेलों में भी ‘गोल्ड’ जीत रहे हैं। साल 2022 में जहां राष्ट्रीय स्तर पर केवल 6 पदक आए थे, वहीं वर्ष 2025-26 में छात्रों ने 12 स्वर्ण, 13 रजत और 19 कांस्य सहित कुल 44 पदक जीतकर देवभूमि का मान बढ़ाया है।
4415 शिक्षकों की नियुक्ति से दूर हुई कमी
शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने पिछले चार वर्षों में 4415 शिक्षकों (एलटी, प्रवक्ता और अतिथि शिक्षक) की तैनाती की है। अकेले वर्ष 2025-26 में 1347 सहायक अध्यापकों को नियुक्ति दी गई, जबकि प्रवक्ता संवर्ग के 808 पदों पर भर्ती प्रक्रिया गतिमान है।
“हमारा लक्ष्य प्रत्येक छात्र को गुणवत्तापरक और व्यवहारिक शिक्षा देना है। नई शिक्षा नीति के अनुरूप हम विद्यालयों में आधुनिक संसाधनों का विस्तार कर रहे हैं ताकि उत्तराखंड के नौनिहालों के उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत हो सके।” — डॉ. धन सिंह रावत, शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड

