विवाह समारोह में पहुँचे उत्तराखंड ज्योतिष रत्न डॉक्टर दैवज्ञ; दिव्य आशीर्वाद और नृत्य से महक उठा माहौल

देहरादून। देहरादून में आयोजित एक भव्य विवाह समारोह के दौरान उत्तराखंड ज्योतिष रत्न आचार्य डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल “दैवज्ञ” के आगमन से संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा और उत्साह से भर उठा। विवाह समारोह में पहुंचकर उन्होंने नवदंपत्ति को दिव्य आशीर्वाद प्रदान किया और इसी दौरान उनका मनमोहक नृत्य देखकर उपस्थित अनुयायी आनंद से झूम उठे। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

इन दिनों विवाह समारोहों का सिलसिला चरम पर है और आचार्य दैवज्ञ के आशीर्वाद के लिए लोग विशेष उत्साह के साथ उन्हें आमंत्रित कर रहे हैं। इसी क्रम में वे अपने ससुराल—चमोली जनपद के डिम्मर गांव मूल निवासी श्रीमती आशा रानी डिमरी और डॉ. सुनील डिमरी के सुपुत्र प्रत्यूष डिमरी के विवाह समारोह में देहरादून स्थित ग्रैंड उत्सव मैदान पहुंचे। बारात गेट पर दूल्हे को आशीर्वाद देते समय, अनुयायियों की भावनाओं को समझते हुए उन्होंने उत्साहपूर्वक नृत्य किया, जिसे देखकर लोग भी उनके साथ थिरकने लगे।

आचार्य दैवज्ञ की प्रिय शिष्या रश्मि डिमरी ने कहा कि गुरुदेव हमेशा जीवन को आनंदपूर्वक जीने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने प्रसिद्ध पंक्ति उद्धृत की— “जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी” —और बताया कि गुरुदेव के दर्शन प्रत्येक व्यक्ति को उसकी भावनाओं के अनुरूप ही होते हैं। उन्होंने कहा कि उनके पहुंचने से किसी भी कार्यक्रम का माहौल आध्यात्मिक, शांत और अलौकिक ऊर्जा से भर जाता है।

गौरतलब है कि डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल “दैवज्ञ” का विवाह वर्ष 2008 में चमोली जिले के सुप्रसिद्ध डिम्मर गांव में हुआ था। उनकी जीवन संगिनी महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं बद्री-केदार विधानसभा सीट से दो बार विधायक रहे स्वर्गीय योगेश्वर प्रसाद खंडूरी की पोती हैं। यही कारण है कि पूरा डिम्मर गांव उन्हें स्नेहपूर्वक ‘प्रिय दामाद’ के रूप में मानता है, और व्यस्तता के बावजूद वह ससुराल पक्ष के अधिकांश आमंत्रणों पर सम्मिलित होने का प्रयास करते हैं।

कार्यक्रम में डिमरी पंचायत के अध्यक्ष आशुतोष डिमरी, डॉ. सुनील डिमरी, श्रीमती आशा रानी डिमरी, अनिल डिमरी, आयुष डिमरी, अर्जुन डिमरी, दमयंती खंडूरी, कृष्णानंद खंडूरी, सुनीता खंडूरी, कविता डिमरी, राकेश डिमरी समेत राज्य के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।