अमर उजियारा विशेष: 1 अप्रैल से बदल रहे हैं आपकी जेब और जीवन से जुड़े ये 13 बड़े नियम, यहाँ पढ़ें पूरी जानकारी
नई दिल्ली/देहरादून। कल यानी 1 अप्रैल से नए वित्तीय वर्ष (2026-27) का आगाज हो रहा है। हर बार की तरह इस बार भी पहली तारीख से कई महत्वपूर्ण नियमों में बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। बैंकिंग, इनकम टैक्स और रेलवे से जुड़े ये नियम सीधे आपकी जेब पर असर डालेंगे।
अमर उजियारा के पाठकों के लिए इन बदलावों की विस्तृत सूची:
1. कैश ट्रांजैक्शन और इनकम टैक्स की पैनी नजर
अब नकद लेनदेन को लेकर आयकर विभाग (IT Department) पहले से अधिक सख्त हो गया है:
- लिमिट में कटौती: अब एक वित्तीय वर्ष में 10 लाख रुपये से अधिक के कैश ट्रांजैक्शन पर इनकम टैक्स विभाग की सीधी नजर रहेगी।
- नोटिस का खतरा: पहले यह सीमा 20 लाख रुपये थी, जिसे अब घटाकर 10 लाख कर दिया गया है। यदि आप इससे अधिक का नकद लेनदेन करते हैं, तो विभाग आपको नोटिस जारी कर सकता है।
- होटल बिल: होटलों में अब अधिकतम 1 लाख रुपये तक का ही नकद भुगतान स्वीकार किया जाएगा।
2. बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट (ATM & UPI)
बैंकिंग सेवाओं का उपयोग अब थोड़ा महंगा होने वाला है:
- ATM शुल्क: अपने बैंक के एटीएम से महीने में 5 मुफ्त ट्रांजैक्शन के बाद अब आपको अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
- UPI कैश विद्ड्रॉल: यदि आप एटीएम से यूपीआई (QR Code) के जरिए नकद निकालते हैं, तो प्रति ट्रांजैक्शन 23 रुपये का शुल्क देना पड़ सकता है।
3. भारतीय रेलवे: टिकट कैंसिलेशन और बोर्डिंग के नए नियम
रेल यात्रियों के लिए रिफंड और बोर्डिंग से जुड़े नियमों में बदलाव किया गया है:
- 50% रिफंड: यदि आप ट्रेन छूटने से 8 से 24 घंटे के बीच टिकट रद्द करते हैं, तो अब केवल 50% राशि ही वापस मिलेगी।
- नो रिफंड: चार्ट तैयार होने के बाद या ट्रेन प्रस्थान के समय टिकट रद्द कराने पर कोई रिफंड देय नहीं होगा।
- बोर्डिंग प्वाइंट: यात्रियों की सुविधा के लिए अब ट्रेन छूटने से महज 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग प्वाइंट बदलने की अनुमति होगी।
अमर उजियारा की सलाह: नए नियमों के लागू होने से पहले अपने वित्तीय लेनदेन की योजना बना लें ताकि आपको किसी भी प्रकार की असुविधा या नोटिस का सामना न करना पड़े।

