उत्तराखंड में चुनावी बिगुल: भाजपा के दिग्गज नेताओं का कांग्रेस में महाविलय, सियासत गरमाई
देहरादून/उत्तराखंड। उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले सियासी पारा चढ़ने लगा है। राज्य की राजनीति में उस वक्त बड़ा उलटफेर देखने को मिला जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कई पुराने दिग्गजों और प्रभावशाली नेताओं ने एक साथ कांग्रेस का दामन थाम लिया। कांग्रेस नेतृत्व ने इन नेताओं का भव्य स्वागत करते हुए इसे आगामी चुनावों के लिए निर्णायक मोड़ बताया है।
इन बड़े चेहरों ने बदला पाला
कांग्रेस में शामिल होने वाले प्रमुख नेताओं में भाजपा के पूर्व विधायक और स्थानीय निकायों के कद्दावर चेहरे शामिल हैं:
- राजकुमार ठुकराल: रुद्रपुर से दो बार के पूर्व विधायक।
- नारायण पाल: सितारगंज से दो बार के पूर्व विधायक।
- लखन सिंह: भीमताल क्षेत्र का चर्चित चेहरा।
- भीम लाल आर्य: घनसाली से पूर्व भाजपा विधायक।
- गौरव गौयल: रुड़की के पूर्व मेयर।
- अनुज गुप्ता: मसूरी के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष।
संगठन को मिलेगी नई मजबूती
उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और प्रभारी की मौजूदगी में इन नेताओं ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। पार्टी का मानना है कि इन अनुभवी चेहरों के आने से जमीनी स्तर पर कांग्रेस का संगठन और अधिक मजबूत होगा। कांग्रेस अब बेरोजगारी, महंगाई और क्षेत्रीय विकास जैसे मुद्दों को लेकर जनता के बीच और आक्रामक रणनीति के साथ उतरेगी।
क्या कहते हैं राजनीतिक जानकार?
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि एक साथ इतने प्रभावशाली नेताओं का भाजपा छोड़ कांग्रेस में जाना सत्ताधारी दल के लिए चिंता का विषय हो सकता है। चुनाव से पहले इस तरह के बड़े दल-बदल कार्यकर्ताओं के मनोबल पर सीधा असर डालते हैं। जहाँ कांग्रेस इसे अपनी बढ़ती स्वीकार्यता बता रही है, वहीं विपक्षी खेमा इसे केवल चुनावी रणनीति करार दे रहा है।

