सावधान मिलावटखोर! चारधाम यात्रा से पहले उत्तराखंड में सरकार का ‘हल्ला बोल’, 15 दिन चलेगा विशेष अभियान

देहरादून (अमर उजियारा ब्यूरो)। चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले प्रदेश सरकार ने मिलावटखोरों के खिलाफ कमर कस ली है। खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए पूरे उत्तराखंड में 15 दिनों का विशेष अभियान चलाया जाएगा। स्वास्थ्य एवं खाद्य संरक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मंगलवार को वर्चुअल बैठक के दौरान दोटूक निर्देश दिए कि यात्रियों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।

यात्रा मार्गों पर ‘फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स’

मंत्री डॉ. रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा रूट के मुख्य पड़ावों, बाजारों और कस्बों में विशेष सतर्कता बरती जाए।

  • मोबाइल टेस्टिंग: ‘फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स’ वैन के जरिए जगह-जगह खाद्य पदार्थों की मौके पर जांच होगी।
  • अनिवार्य डिस्प्ले: सभी व्यापारियों को अपने प्रतिष्ठान के बाहर खाद्य गुणवत्ता संबंधी जानकारी और टोल-फ्री नंबर प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा।
  • होर्डिंग्स से जागरूकता: यात्रियों को जागरूक करने के लिए पूरे यात्रा मार्ग पर खाद्य संरक्षा से जुड़े होर्डिंग्स लगाए जाएंगे।
व्यापारियों के साथ मिलकर रुकेगी मिलावट

बैठक में तय हुआ कि केवल छापेमारी ही नहीं, बल्कि जागरूकता पर भी जोर दिया जाएगा। स्थानीय व्यापार संघों के साथ मिलकर जागरूकता गोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा। साप्ताहिक बाजारों, हाट और मेलों में भी खाद्य संरक्षा विभाग की टीमें आकस्मिक निरीक्षण करेंगी।

“चारधाम यात्रा को लेकर 7.34 करोड़ रुपये की कार्ययोजना को केंद्र से मंजूरी मिल गई है। इसके तहत ईट राइट कैंपेन और आईईसी कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। मिलावटखोरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगी।”  — डॉ. धन सिंह रावत, स्वास्थ्य एवं खाद्य संरक्षा मंत्री

प्रतिनियुक्ति से भरे जाएंगे खाली पद

विभाग में लंबे समय से रिक्त चल रहे खाद्य निरीक्षकों और अन्य कर्मचारियों के पदों को लेकर भी मंत्री ने सख्त रुख अपनाया है। डॉ. रावत ने निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान मैनपावर की कमी न हो, इसके लिए रिक्त पदों को तत्काल प्रतिनियुक्ति (Deputation) के आधार पर भरा जाए। शासन को इसका प्रस्ताव जल्द भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

वर्चुअल समीक्षा बैठक में सचिव स्वास्थ्य सचिन कुर्वे, महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. सुनीता टम्टा सहित सात जनपदों के मुख्य चिकित्सा अधिकारी और एफडीए के उच्च अधिकारी शामिल हुए।