उपेक्षा की मार से चौबटिया गार्डन बर्बादी की कगार पर

रानीखेत। कभी देश-विदेश में मशहूर चौबटिया गार्डन आज बदहाली से जूझ रहा है। करीब 265 एकड़ में फैला यह ऐतिहासिक बागान अब अस्तित्व संकट से गुजर रहा है।

अधिकारियों की लापरवाही

उद्यान विभाग में निदेशक से लेकर उप निदेशक तक लगभग 14 बड़े अधिकारी तैनात हैं, लेकिन ज्यादातर केवल देहरादून के दफ्तरों तक ही सीमित रहते हैं। फील्ड में जाकर हालात देखने और सुधारने की उनकी कोशिशें न के बराबर हैं।

घटती पैदावार

कभी यहां सेब की भारी पैदावार होती थी, जिसे लखनऊ और आसपास के बाजारों तक भेजा जाता था। लेकिन अब हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि बागान से सिर्फ सात कुंतल बीज ही निकल पा रहा है, जबकि फलों का नामोनिशान लगभग गायब हो गया है।

भविष्य पर खतरा

अगर इसी तरह उपेक्षा होती रही, तो विश्वप्रसिद्ध चौबटिया गार्डन पूरी तरह बर्बादी की ओर बढ़ सकता है।