यमुनोत्री रोप-वे: समरेखण बदलते ही शुरू होगा निर्माण, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने सदन में दी जानकारी
गैरसैण/चमोली। यमुनोत्री धाम की यात्रा को सुगम बनाने के लिए बहुप्रतीक्षित खरसाली-यमुनोत्री रोप-वे परियोजना को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। प्रदेश के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने स्पष्ट किया है कि रोप-वे के समरेखण (Alignment) में परिवर्तन की प्रक्रिया गतिमान है और शासन स्तर से अंतिम निर्णय होते ही निर्माण कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया जाएगा।
विधायक संजय डोभाल के सवाल पर दी जानकारी
विधानसभा सत्र के दौरान यमुनोत्री विधायक संजय डोभाल ने सरकार से पूछा था कि जनवरी 2023 में आदेश जारी होने के बावजूद अभी तक धरातल पर काम शुरू क्यों नहीं हो पाया है। उन्होंने कार्यदायी संस्था द्वारा देरी किए जाने के कारणों पर भी सवाल उठाए।
क्यों हो रही है देरी?
विधायक के सवाल का जवाब देते हुए पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि:
- परियोजना को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के लिए शासन ने ब्रिकुल (BRIDCUL) को नामित किया है।
- निजी निवेशक ने जानकीचट्टी (खरसाली) से यमुनोत्री मंदिर तक के स्थलीय निरीक्षण के बाद इसके पूर्व निर्धारित समरेखण (एलाइनमेंट) में बदलाव का अनुरोध किया था।
- वर्तमान में शासन स्तर पर इस बदलाव के प्रस्ताव पर अग्रेतर कार्रवाई (Follow-up action) चल रही है।
जल्द दिखेगा धरातल पर काम
मंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि जैसे ही सक्षम स्तर से एलाइनमेंट परिवर्तन पर अंतिम मुहर लग जाएगी, निर्माण कार्य बिना किसी देरी के शुरू कर दिया जाएगा। इस रोप-वे के बनने से यमुनोत्री धाम की पैदल दूरी कम हो जाएगी और बुजुर्ग व बीमार तीर्थयात्रियों के लिए दर्शन करना बेहद आसान हो जाएगा।

