उत्तराखंड ज्योतिष रत्न डॉ. दैवज्ञ ने तरुण हिमालय पहुंचकर उक्रांद नेता दिवाकर भट्ट को दी श्रद्धांजलि
हरिद्वार। उत्तराखंड ज्योतिष रत्न आचार्य डॉ. चंडी प्रसाद घिल्डियाल “दैवज्ञ” ने आज तरुण हिमालय परिसर पहुंचकर उत्तराखंड क्रांति दल के वरिष्ठ और दिवंगत नेता दिवाकर भट्ट को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

दिवंगत नेता के सुपुत्र ललित भट्ट को सांत्वना देते हुए डॉ. दैवज्ञ ने कहा कि “दिवाकर भट्ट जैसे व्यक्तित्व मृत्यु को प्राप्त नहीं होते, वे अमरता की ओर बढ़ जाते हैं। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में उनके योगदान को युगों तक याद रखा जाएगा।”
डॉ. दैवज्ञ ने 1992 की अपनी पहली मुलाकात को याद करते हुए कहा कि उनकी भेंट भट्ट जी से कीर्ति नगर विकासखंड के सेरागांव स्थित उत्तराखंड पीठाधीश्वर गोदावरी गिरी महाराज के आश्रम में हुई थी। उस समय दिवाकर भट्ट ब्लॉक प्रमुख थे, जबकि डॉ. घिल्डियाल गढ़वाल विश्वविद्यालय के छात्र नेता एवं दैनिक अमर उजाला के पत्रकार थे। उन्होंने बताया कि इसके बाद उत्तराखंड आंदोलन के वर्षों में मुलाकातों का क्रम लगातार चलता रहा।
उन्होंने बताया कि उम्र में काफी बड़े होने के बावजूद दिवाकर भट्ट सभी उम्र के लोगों के साथ मित्रवत व्यवहार रखते थे। डॉ. दैवज्ञ ने यह भी कहा कि उत्तराखंड राज्य बनने के बाद जब भट्ट जी से पुनः मुलाकात हुई, तो उन्होंने ही ललित भट्ट के विवाह का प्रस्ताव अपने गांव के बड़े भाई एल. पी. घिल्डियाल की बेटी सीमा के लिए रखा था, जो सफल भी हुआ। इसके बाद से दोनों परिवारों में समधी का संबंध और आत्मीयता लगातार बनी रही।
दिवाकर भट्ट के योगदान को याद करते हुए डॉ. दैवज्ञ ने कहा कि उनका जीवन संघर्ष, सत्यनिष्ठा और उत्तराखंड हित समर्पण का अद्भुत उदाहरण है। उनके जाने से प्रदेश ने एक प्रखर नेता और समाज ने एक प्रेरणादायी व्यक्तित्व खो दिया है।

