उत्तराखंड: पीजीआई रैंकिंग सुधार को शिक्षा विभाग ने बनाई उच्च स्तरीय समिति
बीईओ होंगे यू-डाइस के नोडल, हर हफ्ते करेंगे समीक्षा – शिक्षा मंत्री डॉ. रावत ने तय किया शीर्ष राज्यों में शामिल होने का लक्ष्य
देहरादून, 3 सितम्बर। विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता सुधार और राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड की बेहतर पहचान बनाने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग ने प्रदर्शन ग्रेडिंग सूचकांक (PGI) रैंकिंग सुधार के लिए ठोस कदम उठाए हैं। राज्य सरकार ने इस दिशा में 12 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है, जो निर्धारित सूचकांकों पर कार्य करते हुए रणनीति बनाएगी और उनके क्रियान्वयन पर निगरानी रखेगी।
समिति की अध्यक्षता विद्यालयी शिक्षा महानिदेशक करेंगे। इसमें निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण, निदेशक माध्यमिक एवं प्राथमिक शिक्षा, अपर राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा, विभिन्न मंडलों व जनपदों के वरिष्ठ अधिकारी, बीईओ और प्राचार्य शामिल किए गए हैं। समिति अपने सुझावों को लागू करने के लिए सभी जिलों तक मार्गदर्शन उपलब्ध कराएगी।
📊 पीजीआई रैंकिंग का लक्ष्य
राष्ट्रीय स्तर पर पीजीआई रैंकिंग छह डोमेन और 72 सूचकांकों के आधार पर तय की जाती है। इसमें कुल 1000 अंक निर्धारित होते हैं। वर्ष 2023-24 में उत्तराखंड ने 526.30 अंक हासिल किए थे। अब विभाग ने वर्ष 2025-26 में 615 अंक और 2026-27 में 650 अंक प्राप्त करने का लक्ष्य तय किया है।
📌 बीईओ बने नोडल अधिकारी
रैंकिंग सुधार में सबसे अहम भूमिका यू-डाइस (UDISE) के आंकड़े निभाते हैं। आंकड़ों की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों (BEOs) को अब नोडल अधिकारी नामित किया गया है। वे अपने क्षेत्र के सभी विद्यालयों से संबंधित जानकारी की हर सप्ताह समीक्षा करेंगे और यू-डाइस पोर्टल पर सही आंकड़े दर्ज कराएंगे।
विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा— “भारत सरकार हर वर्ष पीजीआई रैंकिंग जारी करती है, जिसके आधार पर राज्यों की शिक्षा गुणवत्ता का आकलन होता है। पिछली समीक्षा में यह पाया गया कि विद्यालय स्तर से अपलोड किए गए आंकड़ों में कई त्रुटियां थीं, जिससे हमें अंक गंवाने पड़े। अब उच्च स्तरीय समिति और बीईओ को जिम्मेदारी सौंपकर हमने वर्ष 2026-27 तक उत्तराखंड को शीर्ष राज्यों में लाने का लक्ष्य रखा है।”

