‘अंतरिक्ष से छेड़छाड़’ के दावे महज अफवाह, बिल गेट्स और PM मोदी पर लगे आरोप निराधार: डॉ. चंडी प्रसाद घिल्डियाल

देहरादून। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी दिग्गज बिल गेट्स को लेकर चल रही ‘अंतरिक्ष प्रयोग’ की खबरों पर उत्तराखंड ज्योतिष रत्न आचार्य डॉ. चंडी प्रसाद घिल्डियाल “दैवज्ञ” ने कड़ा रुख अपनाया है। डॉ. दैवज्ञ ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें पूरी तरह वैज्ञानिक आधार से परे और भ्रामक बताया है।

मौसम में बदलाव का असली कारण: पश्चिमी विक्षोभ

​सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा था कि भारत सरकार की शह पर बिल गेट्स भारतीय अंतरिक्ष में कृत्रिम बारिश या जलवायु परिवर्तन संबंधी प्रयोग कर रहे हैं, जिससे बेमौसम बरसात हो रही है। इन दावों का खंडन करते हुए सौर वैज्ञानिक डॉ. घिल्डियाल ने इसके पीछे का सटीक वैज्ञानिक तर्क पेश किया:

  • नेचुरल प्रोसेस: मार्च में हो रही बारिश और तेज हवाओं का मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) है।
  • वायुदाब का प्रभाव: भूमध्य सागर (Mediterranean Sea) से आने वाले कम वायुदाब के क्षेत्रों के कारण उत्तर भारत में मौसमी बदलाव आते हैं।
  • शिफ्टिंग पैटर्न: आमतौर पर यह प्रक्रिया जनवरी में बर्फबारी और बारिश लाती है, लेकिन इस वर्ष चक्र में देरी होने के कारण यह प्रभाव मार्च में दिखाई दे रहा है।

“सौरमंडल की हर हलचल पर हमारी पैनी नजर रहती है। यदि कोई भी विदेशी शक्ति भारतीय अंतरिक्ष के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ करेगी, तो उसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। फिलहाल ऐसे आरोप केवल अज्ञानता का परिणाम हैं।” — डॉ. चंडी प्रसाद घिल्डियाल

भ्रामक खबरों से बचने की अपील

​डॉ. दैवज्ञ ने जनता से आग्रह किया है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही इस प्रकार की मनगढ़ंत और अनर्गल बातों में न आएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान मौसम पूरी तरह से प्राकृतिक है और इसमें किसी भी प्रकार की कृत्रिमता या बाहरी हस्तक्षेप का समावेश नहीं है।