उत्तराखंड सहकारी संघ का बड़ा कदम: ‘हिमाला जल’ जल्द बाजार में, 3 हजार करोड़ का टर्नओवर लक्ष्य
देहरादून। उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ ने अपनी व्यावसायिक गतिविधियों का विस्तार करते हुए 3 हजार करोड़ रुपये सालाना टर्नओवर का लक्ष्य तय किया है। सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के अवसर पर आयोजित सहकारी सम्मेलन में घोषणा की कि संघ जल्द ही अपना बोतलबंद पानी ‘हिमाला जल’ ब्रांड के तहत बाजार में उतारेगा। इसके लिए हरिद्वार जिले में मिनरल वाटर प्लांट स्थापित किया जाएगा।
डॉ. रावत ने कहा कि सहकारी संघ ऑर्गेनिक बायो-फर्टिलाइज़र और फिनायल निर्माण इकाइयों की स्थापना के साथ ही प्रदेशभर में 500 सहकारी क्रय केंद्र खोलेगा। इन केंद्रों के माध्यम से किसानों को उनके उत्पाद—अनाज, फल और सब्जियों का उचित मूल्य सीधे गाँव स्तर पर मिलेगा, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो जाएगी और लाभ सीधे किसानों तक पहुँचेगा।

उन्होंने बताया कि नवरात्रों के दौरान 100 करोड़ रुपये की नई व्यावसायिक योजनाओं का शुभारंभ किया जाएगा। राज्य के सभी 95 ब्लॉकों में माधो सिंह भंडारी सामूहिक सहकारी खेती के जरिए बंजर भूमि को उपजाऊ बनाने का कार्य चल रहा है। इसके साथ ही लाल चावल, कौणी, झंगोरा, मंडुवा और अन्य पहाड़ी मिलेट्स को ब्रांडिंग कर “लोकल से ग्लोबल” बाजार में पहुँचाने की रणनीति अपनाई जा रही है।
कार्यक्रम में सहकारी संघ के प्रबंध निदेशक आनंद शुक्ल ने विश्वास जताया कि माननीय मंत्री के मार्गदर्शन में संघ 3000 करोड़ का लक्ष्य समय से पहले हासिल कर लेगा। इस मौके पर बिजनेस डेवलपमेंट योजनाओं पर शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री भी प्रदर्शित की गईं।
सम्मेलन में पूर्व अध्यक्ष मातवर सिंह रावत, प्रदीप चौधरी, उमेश त्रिपाठी, अनुपम कौशिक (NCEL), जे.पी. सिंह (BBCL), संयुक्त निबंधक नीरज बेलवाल, सहायक निबंधक राजेश चौहान, मोनिका चुनेरा, प्रबंधक त्रिभुवन रावत और जीएम रेशम फेडरेशन मातवर कंडारी सहित बड़ी संख्या में सहकारबंधु व अधिकारी उपस्थित रहे।
किसानों, महिलाओं और विद्यार्थियों के लिए विशेष योजनाएँ
डॉ. रावत ने घोषणा की कि उत्तराखंड कोऑपरेटिव बैंक महिलाओं को बिना गारंटी के 21,000 रुपये तक का ऋण एक वर्ष के लिए 0% ब्याज दर पर उपलब्ध कराएगा। समय पर भुगतान करने वालों को आगे 51,000 और 1 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण मिलेगा।
वरिष्ठ नागरिकों को भारत दर्शन और चारधाम यात्रा हेतु 21,000 रुपये का ब्याजमुक्त ऋण तथा मेधावी विद्यार्थियों को एमबीबीएस व तकनीकी शिक्षा के लिए राष्ट्रीय बैंकों से शिक्षा ऋण दिलाने की योजना है।
राज्य में लगेंगे सहकार मेले
3 अक्टूबर से 30 दिसम्बर तक प्रदेश के सभी 13 जनपदों में सात दिवसीय सहकारी मेले आयोजित होंगे। इन मेलों के माध्यम से 10 लाख किसानों को सहकारिता से जोड़ा जाएगा और ऑनलाइन सदस्यता पंजीकरण की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
लाभार्थियों को वितरित हुए चेक

कार्यक्रम में जिला सहकारी बैंक हरिद्वार के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों को ऋण चेक वितरित किए गए। आनंद और लक्ष्य समूह को 3-3 लाख रुपये, गंगा व जारा को 1-1 लाख और सरोज को 3 लाख रुपये का ब्याजमुक्त ऋण चेक मंत्री डॉ. रावत द्वारा प्रदान किया गया।

