उत्तराखंड की पुकार: आपदा में बेहाल जनता, केंद्र की चुप्पी पर कांग्रेस का हमला – धस्माना बोले, घोषित करो आपदाग्रस्त राज्य
देहरादून। लगातार आपदाओं से जूझ रहे उत्तराखंड में जन-धन की भारी हानि हो रही है, लेकिन केंद्र और राज्य सरकार की चुप्पी पर कांग्रेस ने कड़ा हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने केंद्र सरकार पर “घोर उपेक्षा” का आरोप लगाते हुए पूरे उत्तराखंड को आपदाग्रस्त राज्य घोषित करने की मांग की।
धस्माना ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उत्तरकाशी के धराली, हरसिल, यमुनोत्री, सियाणा चट्टी, राणा चट्टी और गंगोत्री राजमार्ग आपदा की चपेट में हैं। चमोली के थराली, देवाल और बद्रीनाथ क्षेत्र में भी भारी तबाही हुई है। रुद्रप्रयाग, पौड़ी और कुमाऊं के पिथौरागढ़ में कई लोगों की मौतें हुईं और गांवों में तबाही मच गई।
कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा तंज कसा। उन्होंने कहा कि “चुनावी फायदे के लिए केदारनाथ-बद्रीनाथ का नाम लेने वाले प्रधानमंत्री आज आपदा से जूझते उत्तराखंड को भूल गए हैं। वे चुनावी दौरे और विदेश यात्राओं में व्यस्त हैं, लेकिन यहां पीड़ित जनता का हाल जानने तक कोई केंद्रीय मंत्री नहीं आया।”
धस्माना ने केंद्र सरकार से तत्काल विशेष आर्थिक पैकेज देने की मांग की। उन्होंने कहा कि 2013 की केदारनाथ आपदा के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने तुरंत केंद्रीय दल भेजकर 21,000 करोड़ रुपये का पैकेज दिया था। धस्माना ने यह भी मांग की कि इस बार आपदा से हुए नुकसान पर सरकार श्वेत पत्र जारी करे, ताकि राहत और पुनर्वास कार्य पारदर्शिता के साथ हो सकें।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि केंद्र और राज्य सरकार ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए, तो जनता का गुस्सा भाजपा सरकार को भारी पड़ सकता है।

