उत्तराखंड में बादल फटने से भारी तबाही, चमोली में दंपत्ति लापता
देहरादून। उत्तराखंड में बारिश कहर बनकर बरस रही है। गुरुवार, 28 अगस्त देर रात से लगातार हो रही तेज बारिश ने कई जिलों में तबाही मचा दी है। चमोली, टिहरी और रुद्रप्रयाग जिलों में बादल फटने से हालात गंभीर हो गए हैं।
चमोली – दंपत्ति लापता, कई घायल
चमोली जिले के देवाल ब्लॉक के मोपाटा गांव में बादल फटने से बड़ा हादसा हुआ। यहां तारा सिंह और उनकी पत्नी मलबे में दबकर लापता हो गए हैं। विक्रम सिंह और उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
गांव में कई मकान और गोशालाएं मलबे में दब गई हैं। करीब 20 मवेशी भी जिंदा दफन हो गए। हालात देखते हुए जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने जिले के सभी स्कूलों में शुक्रवार को छुट्टी घोषित कर दी है। कई गांवों का सड़क संपर्क भी टूट गया है।
कर्णप्रयाग – घरों में घुसा मलबा
कर्णप्रयाग में लगातार बारिश से कालेश्वर क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित है। पहाड़ से आया मलबा और पानी सीधे घरों में घुस गया। अलकनंदा और पिंडर नदी का जलस्तर बढ़ने से खतरा और बढ़ गया है। वहीं सुभाषनगर में बोल्डर गिरने से सड़क बंद हो गई है। जेसीबी मशीनों से मलबा हटाने का काम जारी है और पुलिस मौके पर तैनात है।
टिहरी – खेत और पेयजल लाइनें तबाह
टिहरी जिले के भिलंगना ब्लॉक के गेंवाली गांव में बादल फटने से खेतों को भारी नुकसान हुआ। हालांकि यहां जनहानि की सूचना नहीं है। पेयजल लाइनें और बिजली व्यवस्था ठप हो गई हैं। कई पैदल पुल और रास्ते बह गए हैं। राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग राहत कार्यों में जुटा है।
रुद्रप्रयाग – छेनागाड़ और बांगर में भारी नुकसान
रुद्रप्रयाग जिले के जखोली ब्लॉक के छेनागाड़ और बांगर क्षेत्रों में भी बादल फटने और मूसलधार बारिश से खेत, मकान और रास्ते मलबे की चपेट में आ गए।
लगातार हो रही बारिश और बादल फटने की घटनाओं से लोग दहशत में हैं। प्रशासन और बचाव दल युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य कर रहे हैं, लेकिन मौसम अब भी चुनौती बना हुआ है।

