कर्तव्य में लापरवाही पर ‘हंटर’: चकराता में स्कूल से नदारद रहने वाले शिक्षक हरपाल सिंह निलंबित
देहरादून। उत्तराखंड के शिक्षा विभाग में अनुशासनहीनता और लापरवाही बरतने वाले कार्मिकों के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। ताजा मामला देहरादून जनपद के चकराता विकासखण्ड का है, जहाँ राजकीय प्राथमिक विद्यालय डिरनाड़ में तैनात सहायक अध्यापक हरपाल सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। शिक्षक पर यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और ग्रामीणों की शिकायतों के बाद की गई है।
📱 सोशल मीडिया पर पोल खुली, मंत्री ने लिया संज्ञान
मामला तब तूल पकड़ा जब शिक्षक के स्कूल से गायब रहने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। सूबे के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने इस वीडियो का तत्काल संज्ञान लेते हुए विभागीय अधिकारियों को जांच के आदेश दिए। उप शिक्षा अधिकारी (बीईओ) चकराता द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए गए।
🖋️ एडवांस में कर दिए थे हाजिरी रजिस्टर पर दस्तखत
जांच रिपोर्ट में शिक्षक की बड़ी चालाकी सामने आई है। हरपाल सिंह 6 और 7 अप्रैल 2026 को बिना किसी पूर्व सूचना या अवकाश के विद्यालय से गायब थे, लेकिन चौंकाने वाली बात यह रही कि उन्होंने उपस्थिति पंजिका (अटेंडेंस रजिस्टर) में पहले से ही अपने हस्ताक्षर कर रखे थे। विभाग ने इसे गंभीर धोखाधड़ी और अनुशासनहीनता माना है।
🚫 निलंबन और जांच के आदेश
शिक्षक से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं मिला। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) ने उन्हें निलंबित कर बीईओ कार्यालय चकराता से संबद्ध कर दिया है। खंड शिक्षा अधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्त करते हुए 30 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
🎤 शिक्षा मंत्री का कड़ा संदेश

“शिक्षा विभाग में अनुशासनहीनता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो कर्मचारी कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतेगा और विभाग की छवि खराब करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय है। प्रदेश के सभी सीईओ को स्कूलों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे।” — डॉ. धन सिंह रावत, विद्यालयी शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड

