देहरादून: उत्तराखंड में 2027 की जनगणना का बिगुल बजा, पहली बार डिजिटल अवतार में होगी ‘गिनती’

देहरादून। देश की 16वीं और आजादी के बाद की 8वीं जनगणना इस बार बेहद खास होने जा रही है। सचिव जनगणना दीपक कुमार ने बुधवार को सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में प्रेस वार्ता के दौरान उत्तराखंड में होने वाली जनगणना-2027 का पूरा खाका पेश किया। इस बार की जनगणना पूरी तरह से ‘हाईटेक’ होगी, जिसमें प्रगणकों के हाथ में रजिस्टर के बजाय मोबाइल ऐप नजर आएगा।

📅 महत्वपूर्ण तिथियाँ: कब क्या होगा?
  • उत्तराखंड में जनगणना का कार्य दो चरणों में संपन्न किया जाएगा:
  • प्रथम चरण (मकान सूचीकरण): 25 अप्रैल, 2026 से 24 मई, 2026 तक।
  • द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना): 09 फरवरी, 2027 से 28 फरवरी, 2027 तक।
  • बर्फीले क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान: प्रदेश के 131 गांवों और 3 नगरों, जो हिमाच्छादित रहते हैं, वहां गणना 11 से 30 सितंबर, 2026 के बीच होगी।
💻 पहली बार ‘स्व-गणना’ (Self Enumeration) का विकल्प

इतिहास में पहली बार आम जनता को खुद अपनी जानकारी पोर्टल पर दर्ज करने की सुविधा दी गई है।

  • अवधि: 10 अप्रैल से 24 अप्रैल, 2026 तक।
  • कैसे करें: नागरिक se.census.gov.in पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी भर सकते हैं।
  • शर्तें: पंजीकरण के लिए मुखिया का नाम और मोबाइल नंबर अनिवार्य है। एक नंबर से केवल एक परिवार का पंजीकरण होगा। एक बार ओटीपी सत्यापन और भाषा का चयन होने के बाद इसमें बदलाव संभव नहीं होगा।

“राज्य के प्रथम नागरिक के रूप में राज्यपाल और मुख्यमंत्री 10 अप्रैल को अपनी स्व-गणना कर इस अभियान की औपचारिक शुरुआत करेंगे।”

📊 जनगणना 2027 की 5 बड़ी बातें:
  • जातिगत जनगणना: इस बार जनगणना में जातिगत आंकड़े भी जुटाए जाएंगे।
  • 100% डिजिटल: पूरी प्रक्रिया पेपरलेस होगी। प्रगणक और पर्यवेक्षक मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से डेटा संकलन करेंगे।
  • निगरानी: पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग ‘जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली’ (CMMS पोर्टल) के जरिए होगी।
  • गोपनीयता: सचिव ने स्पष्ट किया कि नागरिकों द्वारा दी गई सभी जानकारियां पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीय रखी जाएंगी।
  • प्रशिक्षण: राज्य में 23 मास्टर ट्रेनर्स और 555 फील्ड ट्रेनर्स का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है।
🤝 जनता से अपील

सचिव जनगणना ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे घर आने वाले प्रगणकों को सही जानकारी देकर सहयोग करें। साथ ही, अधिक से अधिक संख्या में पोर्टल के माध्यम से स्व-गणना (Self Enumeration) का लाभ उठाएं।

प्रेस वार्ता के दौरान जनगणना कार्य निदेशालय की निदेशक ईवा श्रीवास्तव, नगर आयुक्त देहरादून नमामि बंसल और संयुक्त सचिव सुरेश चंद्र जोशी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।