उत्तराखंड के स्कूलों में नहीं रुकेगी व्यावसायिक शिक्षा, डॉ. धन सिंह रावत ने दिए निर्बाध संचालन के निर्देश
देहरादून। प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा (Vocational Education) को लेकर चल रही संशय की स्थिति पर विराम लगाते हुए शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने स्पष्ट किया है कि यह कार्यक्रम बिना किसी रुकावट के जारी रहेगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि जब तक नई निविदा (Tender) प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक वर्तमान में अनुबंधित संस्था ही शिक्षण कार्य जारी रखेगी।
अधिकारियों को फटकार और त्वरित समाधान का निर्देश
विभागीय मंत्री ने टेंडर प्रक्रिया में हुई देरी पर समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को जमकर लताड़ लगाई। उन्होंने साफ किया कि प्रशासनिक सुस्ती का असर छात्रों की पढ़ाई और उनके कौशल विकास पर नहीं पड़ना चाहिए।
बैठक में लिए गए निम्न मुख्य निर्णय:
- 200 विद्यालयों में वर्तमान संस्था ही कार्य जारी रखेगी ताकि शिक्षण कार्य बाधित न हो।
- नई निविदा प्रक्रिया में गुणवत्ता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश।
- विद्यालयों में चल रहे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की उच्च स्तरीय मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी।
- 544 नए स्कूलों में भी शुरू होगी व्यावसायिक शिक्षा
डॉ. धन सिंह रावत ने युवाओं के भविष्य को लेकर एक बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि राज्य सरकार रोजगारोन्मुखी शिक्षा के प्रति प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में आगामी सत्र 2026-27 से प्रदेश के 544 और विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा का विस्तार किया जा रहा है।
“भारत सरकार ने नए सत्र के लिए स्वीकृति दे दी है। अब हमारे छात्र पारंपरिक विषयों के साथ-साथ हुनर भी सीखेंगे, जिससे उन्हें भविष्य में रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।” — डॉ. धन सिंह रावत, शिक्षा मंत्री
इन 8 क्षेत्रों में मिलेगा प्रशिक्षण:
नये सत्र से छात्र निम्नलिखित क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल कर सकेंगे:
- एग्रीकल्चर (कृषि)
- ऑटोमोटिव
- ब्यूटी एंड वेलनेस
- इलेक्ट्रॉनिक्स एंड हार्डवेयर
- आईटी (IT)
- प्लम्बिंग
- रिटेल
- टूरिज्म व हॉस्पिटैलिटी
इस पहल के माध्यम से उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों के छात्र अब न केवल किताबी ज्ञान, बल्कि आधुनिक बाजार की जरूरतों के अनुसार व्यावहारिक कौशल (Practical Skills) से भी लैस होंगे।

