उत्तराखंड के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत: इस साल नहीं बढ़ेंगी दरें, प्रीपेड मीटर पर मिलेगी 4% की छूट
देहरादून। उत्तराखंड के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में इस साल बिजली की दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (UERC) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नया टैरिफ जारी करते हुए वर्तमान दरों को ही बरकरार रखने का फैसला किया है। इसके साथ ही, डिजिटल ट्रांजेक्शन और प्रीपेड मीटर का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को विशेष छूट देने का भी ऐलान किया गया है।
18.50% बढ़ोतरी का प्रस्ताव हुआ खारिज
जानकारी के मुताबिक, ऊर्जा निगमों (UPCL, UJVNL और PITCUL) ने परिचालन खर्चों और वित्तीय घाटे का हवाला देते हुए बिजली दरों में लगभग 18.50 प्रतिशत की भारी वृद्धि का प्रस्ताव आयोग के सम्मुख रखा था। हालांकि, नियामक आयोग ने जनहित को ध्यान में रखते हुए इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया और पुरानी दरों को ही लागू रखने का निर्णय लिया।
इन उपभोक्ताओं को मिलेगी खास राहत
आयोग ने उपभोक्ताओं को प्रोत्साहित करने के लिए कुछ नई रियायतों की घोषणा की है:
- प्रीपेड मीटर: जो उपभोक्ता अपने घरों में प्रीपेड मीटर लगाएंगे, उन्हें ऊर्जा प्रभार (Energy Charge) में 4 प्रतिशत की सीधी छूट मिलेगी।
- अन्य उपभोक्ता: सामान्य उपभोक्ताओं को भी विभिन्न श्रेणियों के आधार पर 3 प्रतिशत तक की राहत देने का प्रावधान किया गया है।
लाइन लॉस कम करने पर सख्त निर्देश
प्रेस वार्ता के दौरान नियामक आयोग के अध्यक्ष एमएल प्रसाद ने बताया कि बिजली चोरी और लाइन लॉस (Line Loss) को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। आयोग ने यूपीसीएल को निर्देश दिए हैं कि वह प्रदेश के उन टॉप-10 फीडरों की पहचान करें जहाँ सबसे ज्यादा बिजली की बर्बादी या चोरी होती है। इसके लिए एक विशेष समिति का गठन किया जाएगा, जो लाइन लॉस कम करने के लिए अपनी रिपोर्ट देगी।
व्यापारियों और उद्योगों को भी सुकून
उत्तराखंड में टैरिफ स्थिर रहने के इस फैसले का सीधा लाभ न केवल घरेलू उपभोक्ताओं को मिलेगा, बल्कि छोटे व्यापारियों और उद्योगों को भी बड़ी राहत मिलेगी। ऐसे समय में जब देश के कई अन्य राज्यों में बिजली की कीमतें बढ़ रही हैं, उत्तराखंड सरकार और नियामक आयोग का यह फैसला प्रदेशवासियों के लिए किसी सौगात से कम नहीं है।

