बिग ब्रेकिंग – सौरमंडल में ‘सत्ता परिवर्तन’: देवगुरु बृहस्पति बने राजा, मंगल को मिला मंत्री पद

अमर उजियारा (ज्योतिष एवं संस्कृति डेस्क)। ज्योतिष वैज्ञानिक चंडी प्रसाद घिल्डियाल की कलम। अंतरिक्ष और ग्रहों की दुनिया में वार्षिक ‘चुनावी प्रक्रिया’ संपन्न हो गई है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस वर्ष सौरमंडल की कमान देवगुरु बृहस्पति के हाथों में होगी, जबकि सेनापति मंगल को मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उत्तराखंड ज्योतिष रत्न आचार्य डॉ. चंडी प्रसाद घिल्डियाल ‘दैवज्ञ’ ने बताया कि इस बार ‘रौद्र’ नाम का संवत्सर होगा, जिसका पृथ्वी और मानव जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ेगा।

युवराज बुध थे चुनाव अधिकारी, ऐसा है नया मंत्रिमंडल

आचार्य दैवज्ञ के मुताबिक, सौरमंडल में 23 फरवरी से आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू थी, जिसमें युवराज बुध को चुनाव अधिकारी बनाया गया था। शांतिपूर्ण मतदान के बाद राजा बृहस्पति ने अपने मंत्रिमंडल का गठन भी कर दिया है:

  • चंद्रमा: गृह मंत्री
  • शुक्र देव: वित्त मंत्री
  • शनिदेव: कृषि एवं खाद्य मंत्री

“ब्रह्मा, विष्णु और महेश की उपस्थिति में हुए इस चुनाव में 9 ग्रहों, 27 नक्षत्रों और 33 कोटि देवताओं ने शिरकत की। राजा बृहस्पति जहाँ धर्म-कर्म में लगे लोगों को सुख-संपत्ति देंगे, वहीं मंत्री मंगल की टेढ़ी चाल से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव और प्राकृतिक आपदाओं की आशंका बढ़ेगी।” — डॉ. चंडी प्रसाद घिल्डियाल ‘दैवज्ञ’, ज्योतिष वैज्ञानिक

देश-दुनिया पर असर: युद्ध और आपदा का साया, पर शिक्षा में सुधार

ज्योतिषीय विश्लेषण के अनुसार, आने वाला वर्ष मिला-जुला रहेगा:

  • चुनौतियां: सीमा पर तनाव, पड़ोसी देशों से विवाद, भीषण आगजनी, जल संकट और तेल-गैस की कीमतों में अस्थिरता।
  • सकारात्मक पक्ष: आध्यात्मिक उन्नति, शिक्षा क्षेत्र में नई शुरुआत और राजनीति में शुचिता का वातावरण बनेगा। कृषि और बागवानी के लिए समय उत्तम रहने की संभावना है।
भव्य कलश यात्रा से नव संवत्सर का स्वागत

इससे पूर्व, देहरादून में नव संवत्सर स्वागत समारोह का भव्य आयोजन किया गया। रायपुर विधायक उमेश शर्मा और डॉ. चंडी प्रसाद घिल्डियाल का समिति की अध्यक्ष मीरा रतूड़ी, सचिव अजय चौरसिया और अन्य पदाधिकारियों ने जोरदार स्वागत किया। इस अवसर पर महिलाओं ने भव्य कलश यात्रा निकाली, भजन-कीर्तन हुए और विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।