बेंगलुरु में बिखरे पहाड़ी रंग: उत्तराखंड प्रवासियों ने धूमधाम से मनाया ‘फूल देई’ का लोकपर्व
बेंगलुरु (दीपाली पंत)। सिलिकॉन सिटी बेंगलुरु रविवार, 15 मार्च 2026 को पूरी तरह उत्तराखंडी संस्कृति के रंग में सराबोर नजर आई। अवसर था देवभूमि के पारंपरिक लोकपर्व ‘फूल देई-छम्मा देई’ का, जिसे उत्तराखंड महासंघ द्वारा आयोजित एक भव्य मिलन समारोह के रूप में मनाया गया। इस दौरान सुदूर दक्षिण में बसे प्रवासियों के बीच अपनी मिट्टी की सोंधी खुशबू और परंपराओं का अनूठा संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम की मुख्य झलकियाँ
प्रसिद्ध लोकगायक किशन महिपाल कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण रहे। उनके सुरीले पहाड़ी गीतों ने उपस्थित जनसमूह को झूमने पर मजबूर कर दिया और पूरे माहौल को उत्तराखंड की वादियों जैसा जीवंत बना दिया।
बेंगलुरु के विभिन्न हिस्सों में रह रहे सैकड़ों उत्तराखंडी परिवारों ने एक साथ आकर अपनी जड़ों और लोक परंपराओं के संरक्षण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम की सफलता में उत्तराखंड महासंघ के संस्थापक अनोज जोशी और पंडित हेमचन्द्र जोशी का विशेष योगदान रहा।
इस आयोजन को सफल बनाने में संस्था के कर्मठ कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका रही, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल थे:

इसके अलावा सोहन सिंह रावत, गणेश, राकेश सैंडवाल और जितेंद्र सैंडवाल सहित अन्य सदस्यों ने भी अपनी सक्रिय उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
“इस तरह के आयोजनों का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध विरासत और ‘फूल देई’ जैसे प्रकृति से जुड़े त्योहारों के महत्व से रूबरू कराना है।”

