16 साल से पुलिस को छका रहा ‘डॉक्टर’ गिरफ्तार: नाबालिग से दुष्कर्म कर MP में चला रहा था क्लिनिक, बड़कोट पुलिस ने दबोचा
बड़कोट (उत्तरकाशी)। उत्तराखंड की उत्तरकाशी पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में पिछले 16 वर्षों से फरार चल रहे एक शातिर अपराधी को पुलिस ने मध्य प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी अपनी पहचान छिपाकर वहां प्राइवेट क्लिनिक चला रहा था। पुलिस अधीक्षक (SP) उत्तरकाशी ने टीम की इस कामयाबी पर 5,000 रुपये के पुरस्कार की घोषणा की है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला मई 2010 का है, जब बड़कोट थाने में एक नाबालिग लड़की के अपहरण (धारा 363, 366 भादवि) का मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस ने कुछ ही दिनों में पीड़िता को बरामद कर लिया था, जिसके बाद बयानों और साक्ष्यों के आधार पर मामले में दुष्कर्म की धारा (376 भादवि) बढ़ाई गई थी। वारदात के बाद से ही मुख्य आरोपी प्रताप विश्वास फरार चल रहा था।
लोकेशन बदल-बदल कर दे रहा था चकमा
आरोपी प्रताप पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए लगातार अपनी लोकेशन और ठिकाने बदल रहा था। साल 2011 में माननीय न्यायालय ने उसे ‘मफरूर’ (भगोड़ा) घोषित कर दिया था। पुलिस तभी से उसकी तलाश में जुटी थी, लेकिन शातिर अपराधी हर बार बच निकलता था।
MP के शहडोल में चला रहा था क्लिनिक
SP उत्तरकाशी श्रीमती कमलेश उपाध्याय के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने सर्विलांस की मदद से आरोपी का सुराग लगाया। पता चला कि आरोपी मध्य प्रदेश के जिला शहडोल में अपनी पहचान बदलकर रह रहा है और वहां एक प्राइवेट क्लिनिक चला रहा है।

बड़कोट पुलिस की टीम ने तत्काल दबिश देकर आरोपी को ग्राम चित्रांव (शहडोल) से गिरफ्तार कर लिया। ट्रांजिट रिमांड पर देहरादून लाने के बाद शनिवार को उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
गिरफ्तार अभियुक्त का विवरण:
नाम: प्रताप विश्वास (39 वर्ष)
निवासी: ग्राम उत्तर इनायतपुर, जिला नदिया (पश्चिम बंगाल)
हाल निवासी: ग्राम चित्रांव, जिला शहडोल (मध्य प्रदेश)
कामयाब पुलिस टीम:
इस कठिन मिशन को अंजाम देने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक सुभाष चन्द्र के नेतृत्व में उपनिरीक्षक भूपेन्द्र सिंह रावत, हेड कांस्टेबल अनिल रावत और कांस्टेबल प्रवीन नेगी शामिल थे।

