बेटियों के भविष्य को ‘धामी सरकार’ का संबल: नंदा गौरा योजना के तहत 33 हजार से अधिक बालिकाओं के खातों में पहुंचे 146 करोड़
देहरादून, 26 फरवरी 2026। उत्तराखंड की बेटियों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने आज एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने नंदा गौरा योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 145.93 करोड़ रुपये की धनराशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों (DBT) में ट्रांसफर की।
योजना का मुख्य उद्देश्य: जन्म से शिक्षा तक साथ
मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित इस कार्यक्रम में सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि यह योजना मात्र एक वित्तीय मदद नहीं है, बल्कि बेटियों के प्रति समाज के दृष्टिकोण को बदलने और उनके सम्मान व स्वावलंबन का एक महा-अभियान है।
मंत्री रेखा आर्या ने योजना की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए बताया:
- जन्म पर प्रोत्साहन: बालिका के जन्म पर परिवार को ₹11,000 की सहायता दी जाती है।
- शिक्षा के लिए उड़ान: 12वीं पास कर उच्च शिक्षा में कदम रखने वाली बेटियों को ₹51,000 की राशि प्रदान की जाती है।
- सामाजिक सुधार: यह योजना बाल विवाह रोकने, लिंगानुपात में सुधार लाने और कन्या भ्रूण हत्या जैसे अपराधों पर अंकुश लगाने में मील का पत्थर साबित हो रही है।
सांख्यिकीय झलक: किस जिले को क्या मिला?
इस वर्ष कुल 33,251 बालिकाएं लाभान्वित हुई हैं, जिनमें ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जिलों में लाभार्थियों की संख्या सर्वाधिक रही।
जिला जन्म पर लाभार्थी 12वीं उत्तीर्ण लाभार्थी

महिला सशक्तिकरण की ओर बढ़ते कदम
कार्यक्रम के दौरान विभागीय निदेशक बंसीलाल राणा समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सरकार का संकल्प है कि आर्थिक तंगी किसी भी बेटी की पढ़ाई या उसके बेहतर भविष्य के आड़े न आए।
“हमारी सरकार बेटियों के जन्म से लेकर उनकी उच्च शिक्षा तक हर मोड़ पर उनके साथ खड़ी है।” — रेखा आर्या, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री।

