उत्तराखंड के उच्च शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल क्रांति: अब ‘स्वामी विवेकानंद ई-लाइब्रेरी’ से सुलभ होंगी दुनिया भर की बेहतरीन पुस्तकें

देहरादून, 25 फरवरी 2026। उत्तराखंड के उच्च शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों को आधुनिक और वैश्विक स्तर की शिक्षण सामग्री से जोड़ने के लिए ‘स्वामी विवेकानंद ई-लाइब्रेरी योजना’ की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (NEP) के लक्ष्यों को धरातल पर उतारने के लिए देहरादून में आयोजित दो दिवसीय विशेषज्ञ बैठक का आज सफलतापूर्वक समापन हुआ।

बैठक की मुख्य विशेषताएं:

विशेषज्ञों का महामंथन: दो दिनों तक चली इस बैठक में कुल 46 विषयों के 155 विषय विशेषज्ञों ने शिरकत की।

प्रथम दिन: विज्ञान एवं तकनीकी वर्ग के 25 विषयों पर 85 विशेषज्ञों ने चर्चा की।

द्वितीय दिन: कला, मानविकी और वाणिज्य वर्ग के 21 विषयों हेतु 70 विशेषज्ञों ने मानक पुस्तकों का चयन किया।

अत्याधुनिक तकनीक: इस ई-लाइब्रेरी प्लेटफॉर्म को AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित मेटा सर्च एनालिटिक्स और रिपोर्टिंग सुविधाओं से लैस किया जाएगा, जिससे छात्रों को अपनी पसंद की सामग्री ढूंढने में आसानी होगी।

वैश्विक मानक: बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि चयनित पुस्तकें न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित प्रकाशकों की हों, जो शोध और कौशल विकास को बढ़ावा दें।

अधिकारियों का दृष्टिकोण: उच्च शिक्षा सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने योजना की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पहल राज्य में डिजिटल संसाधनों को सुदृढ़ कर विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। उन्होंने इस कार्य में शामिल सभी विशेषज्ञों और कन्वेनरों के योगदान की सराहना की।

“उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों, शोधार्थियों और शिक्षकों को ई-बुक की सुविधा देना राज्य सरकार के संकल्प का प्रमाण है। यह कदम भविष्य में प्रदेश के शैक्षिक पारिस्थितिकी तंत्र और शोध की गुणवत्ता में क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगा।” — डॉ. धन सिंह रावत, उच्च शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड

कार्यक्रम का कुशल संचालन प्रो. दीपक कुमार पांडेय (सहायक निदेशक एवं नोडल एनईपी पीएमयू) ने किया। इस गरिमामयी अवसर पर उच्च शिक्षा निदेशक प्रो. वी.एन. खाली, उप सचिव श्री अजीत कुमार सिंह, संयुक्त निदेशक प्रो. ए.एस. उनियाल सहित दून और पंतनगर विश्वविद्यालय के पुस्तकालयाध्यक्ष एवं विभिन्न विश्वविद्यालयों के विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।