सहकारिता मेलों से संवरी ग्रामीणों की आर्थिकी: ₹21 करोड़ का ब्याज मुक्त ऋण वितरित
देहरादून। अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के उपलक्ष्य में उत्तराखंड सरकार द्वारा आयोजित सहकारिता मेलों ने प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई उड़ान दी है। इन मेलों के माध्यम से अब तक 1000 से अधिक किसानों और स्वयं सहायता समूहों को 21 करोड़ रुपये से अधिक का ब्याज मुक्त ऋण प्रदान किया जा चुका है। यह जानकारी प्रदेश के सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने साझा की।
प्रमुख बिंदु: एक नजर में
- ऋण वितरण: पशुपालन, मत्स्य पालन और फूलों की खेती जैसे कार्यों के लिए ₹21 करोड़ का ब्याज मुक्त लोन।
- लाभार्थी: 1038 किसान और 147 महिला स्वयं सहायता समूह।
- बाजार उपलब्धता: 500 से अधिक महिला समूहों ने हस्तशिल्प और जैविक उत्पादों की बिक्री कर मुनाफा कमाया।
- विस्तार: प्रदेश के 11 जनपदों में सफल आयोजन के बाद टिहरी में भी मेले का आयोजन।
ग्रामीण विकास और स्वरोजगार पर जोर
सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि इन मेलों का मुख्य उद्देश्य स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि “दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना” के अंतर्गत दिया जा रहा यह ऋण युवाओं और महिलाओं के लिए स्वरोजगार के द्वार खोल रहा है।
जनपदवार ऋण वितरण की स्थिति
मेलों के दौरान विभिन्न जिलों में वितरित की गई ऋण राशि (लाख रुपये में) इस प्रकार है:
- पौड़ी ₹583 टिहरी ₹270
- पिथौरागढ़ ₹211 रूद्रप्रयाग ₹177
- अल्मोड़ा ₹174 चमोली ₹155
- बागेश्वर ₹115 नैनीताल ₹107
- देहरादून ₹98 चम्पावत ₹81
- हरिद्वार ₹71 उत्तरकाशी ₹56
महिला सशक्तिकरण को मिला बढ़ावा
डॉ. रावत ने विशेष रूप से महिला स्वयं सहायता समूहों की सफलता का उल्लेख किया। मेलों में महिलाओं ने न केवल पारंपरिक वस्त्र और जैविक खाद्य सामग्री बेची, बल्कि उन्हें सीधे बाजार से जुड़ने का अवसर भी मिला। मंत्री ने जोर देकर कहा कि सहभागिता और सामूहिक विकास के माध्यम से सहकारिता को भविष्य में रोजगार सृजन का सबसे मजबूत आधार बनाया जाएगा।

