संस्कृत बोर्ड परीक्षाओं की व्यवस्थाओं पर नजर, सहायक निदेशक डॉ. घिल्डियाल ने किया औचक निरीक्षण
ऋषिकेश। उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं के दूसरे दिन सहायक निदेशक शिक्षा एवं संस्कृत शिक्षा डॉ. चंडी प्रसाद घिल्डियाल ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और केंद्र व्यवस्थापकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मिली जानकारी के अनुसार संस्कृत शिक्षा परिषद की परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू हुई हैं। दूसरे दिन हाईस्कूल के हिंदी तथा इंटरमीडिएट के अनिवार्य संस्कृत विषय की परीक्षा आयोजित हुई। इस दौरान सुबह 11 बजे सहायक निदेशक के नेतृत्व में सचल दल ने प्रदेश के बड़े परीक्षा केंद्रों में शामिल जयराम संस्कृत महाविद्यालय का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान डॉ. घिल्डियाल ने बताया कि इस केंद्र पर कुल 164 परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे थे, जिनमें हाईस्कूल के 92 और इंटरमीडिएट के 68 छात्र शामिल थे। परीक्षा व्यवस्था संतोषजनक और पारदर्शी पाई गई, जिस पर उन्होंने केंद्र व्यवस्थापक और परीक्षा प्रभारी की सराहना की।
इसके बाद टीम नेपाली संस्कृत विद्यालय पहुंची, जहां हाईस्कूल में 64 और इंटरमीडिएट में 42 परीक्षार्थी उपस्थित थे। यहां भी सभी व्यवस्थाएं सुचारू मिलने पर उन्होंने केंद्र प्रशासन का उत्साहवर्धन किया। साथ ही संकलन केंद्र का निरीक्षण करते हुए प्रभारी डॉ. विपिन बहुगुणा के कार्य की प्रशंसा की।

सचल दल में वेद महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. कृष्ण कुमार उनियाल, जयराम संस्कृत महाविद्यालय की सहायक प्रवक्ता डॉ. पूजा शर्मा, मुनीश्वर वेदांग के प्रधानाचार्य जनार्दन कैरवान, मनोज द्विवेदी और रितु कौशिक शामिल रहे। सहायक निदेशक ने सभी केंद्रों को नकलमुक्त एवं पारदर्शी परीक्षा संचालन के लिए सख्त निर्देश भी जारी किए।

