एबीवीपी के 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन में पहुंचे ‘उत्तराखंड ज्योतिष रत्न’ डॉ. चंडी प्रसाद घिल्डियाल, पुराने साथियों से हुई यादगार मुलाकात

देहरादून, 28 नवंबर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन में गुरुवार को ‘उत्तराखंड ज्योतिष रत्न’ डॉ. चंडी प्रसाद घिल्डियाल दैवज्ञ ने भी शिरकत की। 28 से 30 नवंबर तक परेड ग्राउंड में आयोजित इस अधिवेशन को भगवान मुंडा नगर नाम दिया गया है।

उद्घाटन सत्र में पहुंचे डॉ. घिल्डियाल ने कहा कि विद्यार्थियों की शक्ति को एक दिशा देकर देश को संस्कारहीनता और वैचारिक अवमूल्यन से बचाया जा सकता है। उन्होंने परिषद के आदर्शों और विद्यार्थी शक्ति की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

अधिवेशन के दौरान स्वर्गीय राधेश्याम मंडप में पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की अध्यक्षता में प्राचीन कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित हुआ। इसमें 90 के दशक में एबीवीपी से जुड़े रहे सैकड़ों कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम में वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को सम्मानित भी किया गया।

डॉ. घिल्डियाल स्वयं भी 90 के दशक में गढ़वाल विश्वविद्यालय छात्र संघ तथा एबीवीपी की प्रांतीय कार्यकारिणी में सक्रिय रहे हैं। वर्तमान में वे उत्तराखंड ज्योतिष रत्न के तौर पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखते हैं और सहायक निदेशक (संस्कृत शिक्षा) के रूप में सरकारी दायित्व निभा रहे हैं।

पुराने साथियों से मुलाकात पर उन्होंने कहा—“आज बीते दिनों की स्मृतियाँ ताज़ा हो गईं। सभी वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से महत्वपूर्ण विचार-विमर्श हुआ।”

अधिवेशन स्थल पर दिनभर शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, आरएसएस के प्रांत प्रचारक डॉ. शैलेंद्र, डोईवाला विधायक बृजभूषण गैरोला, एबीवीपी के वरिष्ठ कार्यकर्ता डॉ. कैलाश बहुगुणा, विनोद रावत, विकास कुकरेती, ममता पैन्यूली, शिवचरण बिष्ट, भाजपा प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज, पूर्व महामंत्री आदित्य कोठारी और पद्मेश बुड़ाकोटी सहित कई अनुभवी कार्यकर्ता मौजूद रहे।